:- पारदर्शी प्रक्रिया के लिए आंदोलनकारी समितियों को भी किया जाएगा शामिल, लंबित मामलों के जल्द निस्तारण के संकेत
देहरादून, 17 मई। राज्य आंदोलनकारियों के लंबे समय से लंबित चिन्हीकरण प्रकरणों को लेकर जिला प्रशासन ने सकारात्मक और सक्रिय पहल शुरू कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शनिवार को ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में चिन्हीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सहभागी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर लंबित सभी चिन्हीकरण प्रकरणों और सूचियों की समीक्षा कर सात दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक प्रकरण का तथ्यात्मक और निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
डीएम ने चिन्हीकरण प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए संबंधित क्षेत्रीय आंदोलनकारी समितियों के सदस्यों को भी प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे वास्तविक आंदोलनकारियों की पहचान निष्पक्ष ढंग से हो सकेगी और विवादों की संभावना भी कम होगी।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिन आंदोलनकारियों के पुराने अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं, उनके चिन्हीकरण के लिए वरिष्ठ आंदोलनकारियों एवं समिति सदस्यों के शपथ-पत्र के आधार पर प्रक्रिया अपनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस संबंध में शासन स्तर पर निर्णय लिया जाना बाकी है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को भी निर्देशित किया कि लंबित मामलों से जुड़े अभिलेख एवं आख्या सात दिन के भीतर उपलब्ध कराई जाए। निर्धारित समय सीमा का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
गौरतलब है कि शासन ने वर्ष 2021 तक प्राप्त लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण के लिए छह माह का अतिरिक्त समय दिया है। जिला प्रशासन ने इस अवधि में सभी लंबित मामलों के त्वरित और न्यायसंगत निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी है।
बैठक में मौजूद राज्य आंदोलनकारियों ने प्रशासन की पहल का स्वागत करते हुए जिलाधिकारी का आभार जताया। आंदोलनकारियों ने उम्मीद जताई कि अब वर्षों से लंबित मामलों का समाधान जल्द होगा और पात्र आंदोलनकारियों को न्याय मिल सकेगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, पुलिस अधीक्षक जया बलूनी, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित कई राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे।
हाइलाइट्स:-
7 दिन में सभी तहसीलों से मांगी गई लंबित मामलों की रिपोर्ट
आंदोलनकारी समितियों को भी चिन्हीकरण प्रक्रिया में किया जाएगा शामिल
रिकॉर्ड न मिलने पर शपथ-पत्र के आधार पर चिन्हीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा
समय सीमा में रिपोर्ट न देने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई