119 साल पुरानी गलोगी लघु जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण, संचालन दक्षता से प्रभावित हुए संयुक्त सचिव

:- यूजेवीएनएल की ऐतिहासिक परियोजना ने 54 वर्षों में बनाया उत्पादन का नया रिकॉर्ड, 81 लाख यूनिट बिजली उत्पादन

देहरादून। भारत सरकार के नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव (विंड) राजेश कुलहारी ने आज यूजेवीएन लिमिटेड की ऐतिहासिक गलोगी लघु जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना के संचालन, तकनीकी व्यवस्था और उत्पादन क्षमता का विस्तृत जायजा लिया।

इस अवसर पर यूजेवीएन लिमिटेड के महाप्रबंधक अजय पटेल, उपमहाप्रबंधक अजय सिंह, कृष्ण कुमार सिंह बिष्ट, अधिशासी अभियंता राकेश सिंह नेगी, महावीर सिंह पंवार, सहायक अभियंता मनीषा कौंसवाल रतूड़ी, अवर अभियंता ललिता बुड़ाकोटी सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।

संयुक्त सचिव राजेश कुलहारी लगभग 119 वर्ष पुरानी इस लघु जलविद्युत परियोजना के कुशल और प्रभावी संचालन से विशेष रूप से प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि इतनी पुरानी परियोजना का आधुनिक तकनीक के साथ सफल संचालन एक सराहनीय उपलब्धि है और यह अन्य परियोजनाओं के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि गलोगी विद्युत गृह ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 81 लाख यूनिट ऊर्जा उत्पादन किया है। यह उत्पादन पिछले 54 वर्षों में सबसे अधिक है और परियोजना के शुरू होने के बाद दूसरा सर्वोच्च रिकॉर्ड भी है। इस उपलब्धि ने परियोजना की क्षमता और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को साबित किया है।

यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने इस सफलता पर परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि निगम न केवल परियोजना के बेहतर संचालन के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि इसकी ऐतिहासिक और विरासतपूर्ण पहचान को बनाए रखने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने आगे कहा कि यूजेवीएन लिमिटेड राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए पुरानी परियोजनाओं को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड कर रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता और दक्षता दोनों में वृद्धि हो रही है।

गौरतलब है कि गलोगी लघु जलविद्युत परियोजना उत्तराखंड की सबसे पुरानी परियोजनाओं में से एक है, जो आज भी अपनी उपयोगिता और क्षमता के दम पर राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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