ओम प्रकाश जोशी, देहरादून, 7 अप्रैल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का निस्तारण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाकर कार्य किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि हेली एंबुलेंस की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर करने की दिशा में लगातार काम हो।
बैठक में निर्माण कार्यों से जुड़े प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी विभाग का प्रस्ताव दूसरे विभाग को हस्तांतरित किया जाना है तो उसे बिना विलंब भेजा जाए। अनावश्यक देरी होने पर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने बैठक में विधायकों द्वारा उठाई गई समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान के निर्देश विभागीय सचिवों को दिए।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित वन विभाग के स्तर पर लंबित मामलों की अलग से समीक्षा कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही मुख्य सचिव को मानसून से पहले वर्षाकाल की चुनौतियों को देखते हुए व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित करने को कहा, ताकि बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्य समय पर पूरे किए जा सकें।
चारधाम यात्रा की तैयारियों पर मुख्यमंत्री ने विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी कर ली जाएं। होटल एसोसिएशन के साथ कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर नियमित बैठकें कर समस्याओं का समाधान किया जाए, जिससे यात्रा अवधि में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, आशा नौटियाल, विनोद कंडारी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, रविनाथ रमन, एस.एन. पांडेय, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, धीराज गर्ब्याल सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।