बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला को आमंत्रण न देने पर धामी सरकार पर पक्षपात का आरोप
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता गरिमा मेहरा दसौनी
ओम प्रकाश जोशी, देहरादून, 7 अप्रैल। मुख्यमंत्री द्वारा चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़ी विधानसभाओं की समीक्षा बैठक में बद्रीनाथ से कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला को आमंत्रित न किए जाने पर सियासत गरमा गई है। उत्तराखंड कांग्रेस की वरिष्ठ नेता गरिमा मेहरा दसौनी ने इसे सरकार की संकीर्ण सोच और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ कदम करार दिया है।
गरिमा मेहरा दसौनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधि को इस तरह नजरअंदाज करना उस क्षेत्र की जनता का सीधा अपमान है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़े विकास कार्यों और व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानना चाहती, तो सभी संबंधित विधायकों को समान रूप से बैठक में शामिल किया जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि धामी सरकार केवल उन्हीं जनप्रतिनिधियों से संवाद कर रही है, जो उसे अनुकूल रिपोर्ट दें, जबकि जमीनी सच्चाई सामने रखने वाले जनप्रतिनिधियों को जानबूझकर दूर रखा जा रहा है। कांग्रेस नेत्री ने इसे सरकार के भीतर बढ़ते डर का संकेत बताते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने का यह प्रयास स्वस्थ लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
दसौनी ने कहा कि यह रवैया न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि संघीय ढांचे और जनप्रतिनिधियों के सम्मान को भी ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने राज्य सरकार से भविष्य में ऐसी पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली से बचने और सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को समान अवसर देने की मांग की, ताकि जनता के हितों की प्रभावी पैरवी हो सके।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता गरिमा मेहरा दसौनी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चारधाम यात्रा जैसे संवेदनशील और राज्यहित से जुड़े मुद्दे पर विपक्षी विधायकों की अनदेखी आने वाले दिनों में राजनीतिक विवाद को और बढ़ा सकती है।