विधायक का टिकट और राष्ट्रीय पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलाने का झांसा देकर ठगने वाला अन्तर्राज्यीय गिरोह का सरगना गिरफ्तार

देहरादून: ‘ऑपरेशन प्रहार’ में दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई

: खुद को वरिष्ठ नेता का निजी सचिव बताकर 25 लाख की ठगी, कई राज्यों में फैला था जाल

देहरादून, 04 मई 2026। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत थाना राजपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसएसपी देहरादून की सटीक रणनीति के चलते राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नाम पर ठगी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी लंबे समय से खुद को पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी का निजी सचिव बताकर लोगों को झांसा दे रहा था।

मामला तब सामने आया जब भावना पांडे ने थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कनिष्क सिंह नामक व्यक्ति ने खुद को एक राष्ट्रीय पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी का निजी सचिव बताते हुए उन्हें पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलाने और सर्वे कराने के नाम पर 25 लाख रुपये की मांग की। 13 अप्रैल 2026 को आरोपी का एक साथी जाखन स्थित उनके आवास पीनाकिल रेजिडेंसी पहुंचा और नकदी लेकर फरार हो गया। इसके बाद आरोपी ने संपर्क भी बंद कर दिया।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एसएसपी के निर्देश पर गठित टीमों ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की पहचान की। जांच में पता चला कि आरोपी एक अन्य व्यक्ति से भी पैसे लेने जाखन आने वाला है। इसी सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना असली नाम गौरव कुमार (42 वर्ष) निवासी अमृतसर, पंजाब बताया। उसने खुलासा किया कि वह गूगल और अन्य वेबसाइट्स के जरिए राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं और उनके सहयोगियों की जानकारी जुटाता था। इसके बाद ट्रू-कॉलर पर फर्जी आईडी बनाकर खुद को वरिष्ठ पदाधिकारी का निजी सचिव बताता और लोगों को पद या टिकट दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था।

आरोपी ने अपने तीन अन्य साथियों—छज्जू, रजत मदान और मनिंदर सिंह कालू—के साथ मिलकर कई राज्यों में ठगी की घटनाएं कबूली हैं। वर्ष 2017 में जयपुर में दो नेताओं से विधायक टिकट दिलाने के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी, जबकि 2025 में पटना में एक नेता से 3 लाख रुपये लेने की बात भी सामने आई है। पुलिस अन्य मामलों की जांच कर रही है।

पुलिस को आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन और एक डोंगल बरामद हुआ है। आरोपी के उत्तराखंड में भी कई वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में होने की जानकारी मिली है, जिसकी जांच जारी है।

इस कार्रवाई में थाना राजपुर पुलिस और एसओजी टीम की अहम भूमिका रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *