आईआईटी रुड़की की बड़ी उपलब्धि: उन्नत लिथियम-आयन बैटरी तकनीक उद्योग को सौंपी

 :- इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऊर्जा भंडारण क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, स्वदेशी बैटरी तकनीक विकास को गति

देहरादून। Indian Institute of Technology Roorkee ने उन्नत लिथियम-आयन बैटरी इलेक्ट्रोड प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए दो महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। संस्थान द्वारा विकसित इन अत्याधुनिक तकनीकों का हस्तांतरण आगे के विकास और व्यावसायीकरण के लिए Cathion Energy Private Limited को किया गया है।

यह पहल भारत के ऊर्जा भंडारण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। आईआईटी रुड़की के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित ये तकनीकें रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरियों की ऊर्जा क्षमता, चार्जिंग दक्षता और समग्र प्रदर्शन को बेहतर बनाने में सहायक होंगी।

हस्तांतरित की गई प्रमुख प्रौद्योगिकियां

रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरी में उच्च शक्ति एवं उच्च ऊर्जा अनुप्रयोग हेतु नवीन इलेक्ट्रोड कॉम्पोजिट

लिथियम-आयन बैटरी हेतु उच्च-प्रदर्शन कॉम्पोजिट इलेक्ट्रोड

इन तकनीकों से इलेक्ट्रिक वाहन, पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों के लिए अधिक कुशल एवं टिकाऊ ऊर्जा भंडारण समाधान विकसित किए जा सकेंगे।

प्रयोगशाला से उद्योग तक पहुंचेगा शोध

इन प्रौद्योगिकियों के आविष्कारक Professor Anjan Sil ने कहा कि तकनीक हस्तांतरण प्रयोगशाला-स्तरीय शोध को वास्तविक औद्योगिक उपयोग में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनका उद्देश्य ऐसी उन्नत इलेक्ट्रोड सामग्री विकसित करना रहा है जो उच्च-प्रदर्शन और विश्वसनीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों की बढ़ती मांग को पूरा कर सके।

वहीं, कैथियन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Dr. Hari Raj ने कहा कि आईआईटी रुड़की के साथ यह सहयोग बैटरी तकनीक के व्यावसायीकरण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र को नई गति देगा।

नवाचार और उद्योग सहयोग पर जोर

आईआईटी रुड़की के एसआरआईसी के अधिष्ठाता Professor Vivek K. Malik ने कहा कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण संस्थान के नवाचार तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और ऐसे सहयोग शोध को वास्तविक समाधान में बदलने में मदद करते हैं।

संस्थान के निदेशक Professor Kamal K. Pant ने कहा कि आईआईटी रुड़की प्रभावशाली अनुसंधान और उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को लगातार बढ़ावा दे रहा है।

इन समझौतों को संस्थान के एसआरआईसी के अंतर्गत बौद्धिक संपदा अधिकार प्रकोष्ठ द्वारा सुगम बनाया गया।

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हाइलाइटर:-

उन्नत लिथियम-आयन बैटरी तकनीक का उद्योग को हस्तांतरण

इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी क्षमता और चार्जिंग दक्षता बढ़ाने पर फोकस

आईआईटी रुड़की और उद्योग के बीच मजबूत हुआ तकनीकी सहयोग

स्वदेशी ऊर्जा भंडारण तकनीक विकास को मिलेगा प्रोत्साहन

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