:- डॉ. जसविंदर सिंह गोगी बोले—मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करे निर्वाचन आयोग, हटाए गए नामों का बूथवार ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग
देहरादून। धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान करीब 57 हजार मतदाताओं के नाम कटने के दावे को लेकर महानगर कांग्रेस कमेटी ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने इसे मतदाता सूची की पारदर्शिता और पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताते हुए हटाए गए नामों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने निर्वाचन आयोग से नाम हटाने के कारणों को स्पष्ट करने और पूरी प्रक्रिया का विवरण सार्वजनिक करने की अपील की।
डॉ. गोगी ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है और यह सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम अनुचित तरीके से सूची से न हटे। उन्होंने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना होना चाहिए, न कि पात्र मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित होने की स्थिति में छोड़ देना।
उन्होंने धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 57 हजार वोट कटने के दावे को गंभीर बताते हुए कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि कितने मतदाताओं के नाम हटाए गए, इसके पीछे क्या कारण थे और संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर मिला या नहीं।
बूथवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों का बूथवार विवरण सार्वजनिक किया जाए। नाम हटाने के कारणों की समीक्षा के साथ पात्र मतदाताओं को सूची में अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए पर्याप्त समय और उचित अवसर देने की भी मांग की गई।
डॉ. गोगी ने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि नाम हटने से कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान हुआ है, तब भी सबसे महत्वपूर्ण सवाल आम नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का है। महानगर कांग्रेस कमेटी ने मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की बात कही।
इस मौके पर BLA-1 आशीष कुमार, प्रदेश महासचिव याकूब सिद्दीकी, ब्लॉक अध्यक्ष ललित बद्री, वीरेंद्र पंवार, मुकीम अहमद भूरा, पार्षद जाहिद अंसारी, इतायत खान, रमेश कुमार मंगू, सुरेंद्र रंगढ़, दीपक मधवाल, नवीन रमोला, सायेद जमाल, ग्रीश सुंदरियाल और सूरत सिंह लंबा आदि मौजूद रहे।