स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली के साथ विद्यार्थियों ने सीखा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और कम्पोस्ट निर्माण का व्यावहारिक ज्ञान
बछेलीखाल/देवप्रयाग। उत्तराखंड राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान बछेलीखाल के डी.फार्मा विभाग के समस्त छात्र-छात्राओं ने शैक्षणिक भ्रमण के तहत राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवप्रयाग तथा कूड़ा निस्तारण केंद्र का भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को अस्पताल की विभिन्न सेवाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। डॉ. करिश्मा पंवार, डॉ. ललित, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. भारत तथा वरिष्ठ फार्मासिस्ट श्री नौटियाल ने छात्र-छात्राओं को ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम, इमरजेंसी कक्ष, डेंटल यूनिट, एक्स-रे कक्ष, फार्मेसी तथा विभिन्न टीकाकरण कार्यक्रमों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया।
विद्यार्थियों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझते हुए स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान उन्हें अपने पाठ्यक्रम से जुड़े विषयों का व्यावहारिक ज्ञान भी मिला।
इसके बाद छात्र-छात्राओं ने देवप्रयाग स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र का भ्रमण किया। यहां उन्हें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण तथा जैविक अपशिष्ट से कम्पोस्ट खाद तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। केंद्र में कार्यरत श्री आमिर ने विद्यार्थियों को वहां स्थापित विभिन्न मशीनों तथा उनके संचालन की विस्तृत जानकारी दी।
संस्था की प्रधानाचार्या श्रीमती नर्मदा सिंह ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यस्थलों की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने और अपने विषय से संबंधित जानकारी को व्यवहारिक रूप से सीखने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर श्री आदेश कुमार, श्री अरविंद सिंह, लैब टेक्नीशियन श्री अमित सिंह सहित डी.फार्मा विभाग के समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।