सरकारी जमीनों और संपत्तियों को निजी हाथों में देने के फैसलों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

:- धामी के जन्मदिन पर कांग्रेस ने सभी जिलों में की पत्रकार वार्ता, यूआईआईडीबी के जरिए भूमि हस्तांतरण और निरीक्षण भवनों को लीज पर देने का लगाया आरोप

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के अवसर पर कांग्रेस ने प्रदेशभर में पत्रकार वार्ताएं आयोजित कर राज्य की सरकारी जमीनों और संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने के मुद्दे पर सरकार को घेरा। देहरादून में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता कर सरकार की भूमि एवं संपत्ति संबंधी नीतियों पर सवाल उठाए।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने आरोप लगाया कि रुद्रप्रयाग जिले में लोक निर्माण विभाग के दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित तीन निरीक्षण भवनों को कम कीमत पर निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये संपत्तियां ऐसे क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां भूमि की उपलब्धता सीमित है और इसलिए इनका विशेष महत्व है।

गोगी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर बोर्ड (यूआईआईडीबी) के माध्यम से सरकारी विभागों की जमीनों और संपत्तियों को लंबी अवधि की लीज पर निजी क्षेत्र को देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने नैनीताल के पटुवा डांगर में करीब 14 एकड़ भूमि, हरिद्वार के अलकनंदा होटल तथा ऋषिकेश स्थित लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन से संबंधित प्रस्तावों और निविदाओं का भी उल्लेख किया।

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, इन संपत्तियों के उपयोग और निजी क्षेत्र को सौंपे जाने की प्रक्रिया को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों के दीर्घकालिक हस्तांतरण से पहले पारदर्शिता, सार्वजनिक हित और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाना आवश्यक है।

प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा यूआईआईडीबी को करीब 1200 एकड़ यानी 6000 बीघा से अधिक सरकारी भूमि उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि कई अन्य प्रस्ताव विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि निविदाओं की शर्तों को लेकर भी कांग्रेस को आपत्ति है और पार्टी का आरोप है कि इनसे निजी निवेशकों को लाभ पहुंचाने की संभावना बनती है।

प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि सरकार लोक निर्माण विभाग के करीब 25 निरीक्षण भवनों तथा पर्यटन विभाग की कुछ संपत्तियों को भी लीज पर निजी क्षेत्र को देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने 2022 में हुए कैबिनेट निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि यूआईआईडीबी के माध्यम से राज्य की भूमि और संपत्तियों के उपयोग से जुड़े निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया था।

कांग्रेस नेताओं ने मसूरी के हाथीपांव स्थित पार्क एस्टेट की भूमि को लीज पर दिए जाने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 142 एकड़ सरकारी भूमि को 15 वर्ष की लीज पर दिया गया है और इसकी शर्तों की सार्वजनिक स्तर पर समीक्षा की जानी चाहिए।

भूमि कानून को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं ने कहा कि वर्ष 2018 में भूमि कानून में किए गए बदलावों तथा इसके बाद औद्योगिक, होटल और शिक्षण संस्थानों के लिए खरीदी गई भूमि के उपयोग से जुड़े प्रावधानों में बदलाव से राज्य में भूमि संरक्षण को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि अब सरकार की प्राथमिकता सरकारी संपत्तियों तक पहुंच गई है।

कांग्रेस ने कहा कि रुद्रप्रयाग की तीनों संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कार्यकर्ता वहां रक्षा सूत्र बांधकर आंदोलन शुरू करेंगे। पार्टी ने कहा कि प्रदेशभर में सरकारी जमीनों और संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने के मुद्दे पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *