पहाड़ के सफर को मिलेगी नई उड़ान! रवि टम्टा ने तैयार किया इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल

:- HAPIDA SKYNeX से 40 किमी का सफर महज 10 से 15 मिनट में पूरा करने का दावा, 200 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार; सीएम धामी ने दी बधाई

अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने ड्रोन तकनीक में सुधार करते हुए एक स्वदेशी सिंगल-सीटर इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल (उड़ने वाली कार) का प्रोटोटाइप तैयार किया है। इस इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल का नाम HAPIDA SKYNeX रखा गया है। अगस्त 2026 में अल्मोड़ा के आर्मी हेलीपैड मैदान में इसका सफल परीक्षण किया गया। इसकी टेस्ट फ्लाइट का वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है।

पहाड़ी क्षेत्रों के लिए तैयार की गई तकनीक

रवि टम्टा ने इस तकनीक को अपने स्टार्टअप हैपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड (Hapida Sky Private Limited) के तहत विकसित किया है। यह पूरी तरह बिजली से चलने वाला All-Electric eVTOL वाहन है। इसे खास तौर पर पहाड़ी क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है, ताकि दुर्गम क्षेत्रों में यात्रा के समय को कम किया जा सके।

40 किलोमीटर का सफर 10 से 15 मिनट में पूरा करने का दावा

HAPIDA SKYNeX को लेकर दावा किया गया है कि इसके जरिए पहाड़ों में सड़क मार्ग से तय होने वाला 40 किलोमीटर का सफर, जिसमें आमतौर पर करीब 90 मिनट लगते हैं, हवाई मार्ग से महज 10 से 15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यह तकनीक पहाड़ी क्षेत्रों में व्यक्तिगत हवाई परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण संभावना के तौर पर देखी जा रही है।

200 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार

यह इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल हवा में करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम होने का दावा किया गया है। इसकी पहली टेस्ट उड़ान के दौरान रवि टम्टा ने खुद इसे उड़ाया और प्रोटोटाइप का परीक्षण किया।

सीएम धामी ने रवि टम्टा को दी बधाई

रवि टम्टा के इस प्रयास पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को भारत में ‘पर्सनल स्काई मोबिलिटी’ की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

पहले भी कई प्रयोग कर चुके हैं रवि टम्टा

अल्मोड़ा के काफलीखान गांव निवासी रवि टम्टा लंबे समय से नए प्रयोग और आविष्कारों के लिए जाने जाते हैं। वर्ष 2019 में उन्होंने ‘इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन’ विकसित की थी, जिसके बारे में बताया गया था कि यह इलेक्ट्रिक वाहनों को बहुत तेजी से चार्ज कर सकती है।

इसके अलावा रवि टम्टा ने वन कर्मियों के लिए GPS और मोबाइल चार्जिंग सुविधा वाली विशेष स्मार्ट स्टिक तथा मोबाइल चार्ज करने वाले जूते भी तैयार किए हैं।

पहाड़ के युवाओं की तकनीकी प्रतिभा का उदाहरण

HAPIDA SKYNeX का प्रोटोटाइप उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र से निकलकर सामने आई तकनीकी प्रतिभा और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप इनोवेशन की एक मिसाल है। यदि इस तरह की तकनीक आगे विकसित होती है, तो पहाड़ी क्षेत्रों में तेज और वैकल्पिक परिवहन के नए रास्ते खुलने की संभावना बन सकती है।

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