श्रावण मास में दूध-दही से अभिषेक का विशेष महत्व, शिवमहापुराण कथा के तृतीय दिवस उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
उत्तरकाशी, 4 अगस्त। भूतभावन बाबा काशी विश्वनाथ की पावन नगरी उत्तरकाशी में आयोजित श्री शिवमहापुराण कथा-2026 के तृतीय दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच कथा का आयोजन संपन्न हुआ। कथा प्रारंभ होने से पूर्व आयोजित प्रतिभा प्रदर्शन में विभिन्न विद्यालयों एवं गुरुकुल के विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
प्रतिभा प्रदर्शन में अल्पाइन पब्लिक स्कूल के विराज एवं आशुतोष ने शंख वादन, इशिका राणा एवं इशिका बनुनी ने भक्ति गायन तथा राधिका एवं कनिका ने श्लोक गायन प्रस्तुत किया। वहीं काशी विश्वनाथ गुरुकुलम के सक्षम नेगी एवं प्रियांशु डंगवाल ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति देकर खूब सराहना प्राप्त की।
आज की कथा के यजमान श्री वीरेंद्र जोशी एवं उनका परिवार रहे। व्यासपीठ से कथा का वाचन करते हुए परम पूज्य कथा व्यास डॉ. पंकज सेमवाल ने श्रावण मास में भगवान शिव का दूध एवं दही से अभिषेक करने के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और आस्था के साथ किया गया अभिषेक भगवान शिव की विशेष कृपा का पात्र बनाता है।
कार्यक्रम में केदार मंदिर के महंत राघवानंद जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ अनेक संत, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
महंत जयेंद्र पुरी जी के मार्गदर्शन में अपनी 46वीं आवृत्ति में आयोजित हो रही श्री शिवमहापुराण कथा का आयोजन 2 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, उत्तरकाशी के पंडाल में प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे तक किया जा रहा है।
आयोजकों ने बताया कि शिवमहापुराण कथा का प्रतिदिन सीधा प्रसारण श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, उत्तरकाशी के आधिकारिक यूट्यूब एवं फेसबुक प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है। साथ ही कथा से जुड़े सभी अपडेट विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों पर भी उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर महंत अजय पुरी, राघवेंद्र उनियाल, हेमराज बनुनी, कुशाल पंवार, शकुन्तला गुसाईं, रमेश चौहान, गोपाल रावत, जितेंद्र पंवार, संजय अरोड़ा, मोहन डबराल, अर्चना रतूरी, प्रेमा चंदोक, गीता कश्यप, वंश राणा, सौरव बिष्ट, आयुष कोटनाला, कैलाश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।