:- एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में राजपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अपहरण की झूठी कहानी का पर्दाफाश; चार आरोपी गिरफ्तार, मुजफ्फरनगर से नाबालिग सकुशल बरामद
देहरादून, 03 अगस्त। देहरादून पुलिस ने नाबालिग युवती के कथित अपहरण के मामले में बड़ा खुलासा करते हुए मानव तस्करी और नाबालिग की खरीद-फरोख्त के संगठित प्रकरण का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि पीड़िता की मां ने ही आर्थिक तंगी के चलते अपनी 15 वर्षीय बेटी का डेढ़ लाख रुपये में सौदा कर दिया था। सौदे की पूरी रकम नहीं मिलने और पकड़े जाने के डर से उसने बेटी के अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के नेतृत्व में थाना राजपुर पुलिस ने मामले की गहन जांच करते हुए पीड़िता की मां सहित चार आरोपियों को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मुजफ्फरनगर से नाबालिग युवती को सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस के अनुसार, 05 जुलाई 2026 को नीलम देवी निवासी नांगल हटनाला, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून ने थाना राजपुर में अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर थाना राजपुर में धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सर्विलांस, सीसीटीवी और मैनुअल पुलिसिंग से खुली सच्चाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी ने विशेष पुलिस टीम का गठन किया। टीम ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मैनुअल पुलिसिंग के जरिए जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान नाबालिग के मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर गोपनीय कार्रवाई करते हुए मनीष और लवी कुमार को गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से नाबालिग युवती को बरामद कर लिया।
डेढ़ लाख में मां से खरीदी, दो लाख में आगे बेची गई युवती
पूछताछ में आरोपी लवी कुमार ने बताया कि उसने पिंकी मलिक नामक महिला के माध्यम से नाबालिग को उसकी मां नीलम देवी से डेढ़ लाख रुपये में खरीदा था। बाद में उसने उसी युवती को विवाह के उद्देश्य से मनीष को दो लाख रुपये में बेच दिया।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिंकी मलिक को मुजफ्फरनगर तथा नीलम देवी को आईटी पार्क, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून से गिरफ्तार कर लिया।
पूरी रकम नहीं मिली तो दर्ज करा दी झूठी अपहरण की रिपोर्ट
पुलिस पूछताछ में नीलम देवी ने बताया कि उसकी मुलाकात कुछ समय पहले एक समारोह में पिंकी मलिक से हुई थी। बातचीत के दौरान पिंकी ने एक युवती की जरूरत बताते हुए अच्छी रकम देने की बात कही। आर्थिक तंगी के कारण नीलम देवी ने अपनी 15 वर्षीय बेटी को डेढ़ लाख रुपये में देने की हामी भर दी।
सौदा तय होने के बाद पिंकी मलिक ने युवती को लवी कुमार के हवाले कर दिया और लवी ने उसे आगे मनीष को दो लाख रुपये में बेच दिया। सौदे की रकम में से नीलम देवी को 80 हजार रुपये दिए गए, जबकि शेष राशि बाद में देने का आश्वासन दिया गया। तय समय पर पूरी रकम नहीं मिलने और अपराध उजागर होने की आशंका के चलते नीलम देवी ने अपनी बेटी के अपहरण की झूठी कहानी बनाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी।
जांच में बढ़ाई गई गंभीर धाराएं
विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में धारा 64, 3(5), 65(1), 87, 143 बीएनएस तथा 5(एल)/6, 16/17 पॉक्सो अधिनियम की धाराएं भी बढ़ाई हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी पूर्व में भी इस प्रकार के मामलों में शामिल रहे हैं या किसी बड़े गिरोह से जुड़े हैं।