:- देहरादून में आयोजित कार्यशाला में नेतृत्व, समाज सेवा, स्टार्ट-अप और स्वरोजगार के अवसरों पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन
देहरादून, 28 जून। उदयन शालिनी फेलोशिप के देहरादून चैप्टर द्वारा रविवार को चकराता रोड स्थित द एटलांटिस क्लब में “युवा नेतृत्व, सामुदायिक सेवा एवं उद्यमिता” विषय पर कार्यशाला एवं अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शालिनियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, समाज सेवा की भावना तथा स्वावलंबन को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में 250 से अधिक शालिनियों और उनके अभिभावकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत एवं परिचय सत्र से हुआ। इसके बाद आयोजित अभिभावक संवाद सत्र में डॉ. जी.एस. रावत ने विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति, फेलोशिप की गतिविधियों तथा एक आदर्श अभिभावक की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
पूर्व शालिनी मेघा चौहान ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उदयन शालिनी फेलोशिप ने उनके व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने और नए अवसरों तक पहुंच बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं आदिमंतर रूरल एंड ट्राइबल डेवलपमेंट फाउंडेशन के निदेशक तरुण पंत ने युवा नेतृत्व, सामुदायिक सेवा और उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शालिनियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में कार्य करने के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार उद्यमिता के माध्यम से जनजातीय समुदायों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।
एक्ज़ोलोटेल इंटरप्राइजेज की श्रुति कोटियाल और पूजा रुपैन ने स्टार्ट-अप, इवेंट मैनेजमेंट और जनसंचार के क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं और अवसरों की जानकारी दी। वहीं, आसरा ट्रस्ट के रोहित और सृष्टि नवानी ने युवाओं को कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ इंजीनियर नरेन्द्र सिंह चौहान ने शिक्षा, अनुशासन, नेतृत्व और समाज सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शालिनियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बड़े सपनों और रचनात्मक सोच के साथ किया गया प्रयास निश्चित रूप से सफलता दिलाता है।
चैप्टर संयोजक विमल डबराल ने उदयन शालिनी फेलोशिप की उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी देते हुए कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को जीवन और करियर में उपयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सह-संयोजक जी.एस. रावत, कोर कमेटी सदस्य दीपक अहलावत एवं ममता अहलावत तथा समन्वयक फरहा नाज़ और दीक्षा धीमान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया।