:- विद्यार्थियों को सीपीआर, प्राथमिक उपचार और आपदा राहत के गुर सिखाए, मंदिर परिसर में चलाया स्वच्छता अभियान
उत्तरकाशी। भूतभावन बाबा काशी विश्वनाथ की प्रेरणा एवं महंत अजय पुरी के मार्गदर्शन में श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम के 45वें सत्र के अंतर्गत 15वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) द्वारा आपदा प्रबंधन एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में एनडीआरएफ के कमान अधिकारी आर.एस. धपोला एवं उनकी टीम ने गुरुकुलम के विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार तथा बचाव कार्यों की महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। इस दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) भारत में प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए गठित एक विशेषज्ञ बल है, जिसकी स्थापना आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत 19 जनवरी 2006 को की गई थी। यह बल केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
कार्यशाला में बाढ़, भूकंप, चक्रवात, सुनामी एवं भूस्खलन जैसी आपदाओं के दौरान बचाव कार्यों की जानकारी दी गई। साथ ही रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं परमाणु (CBRN) आपात स्थितियों से निपटने के बारे में भी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।
एनडीआरएफ टीम ने प्राथमिक उपचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसी व्यक्ति को चोट लगने अथवा रक्तस्राव होने की स्थिति में प्रभावित अंग को ऊपर उठाकर (Elevate) रक्तस्राव को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा अचानक हार्ट अटैक आने पर सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देकर व्यक्ति की जान बचाने के तरीकों का भी प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों द्वारा मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर महंत अजय पुरी ने कमान अधिकारी आर.एस. धपोला, डॉ. लिटिन विश्वश (सीएमओ), इंस्पेक्टर संजय कुमार, सब इंस्पेक्टर अरुण कुमार, आर.पी. जोशी, सतीश कुमार सहित समस्त एनडीआरएफ कर्मियों को विश्वनाथ कवच एवं पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में गुरुकुलम के समन्वयक पारस कोटनाला, मोहन डबराल, जमुना उनियाल, अंकित ममगाईं, गौरव, सौरभ, सुजल, अंशिका, नंदिनी, पायल, वंश, अर्चना रतूड़ी, अक्षांश, खुशी, मानवी सहित अनेक विद्यार्थी एवं बाल सेवक उपस्थित रहे।