गंगा संरक्षण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, जमीन पर दिखें परिणाम: डीएम

:- एसटीपी, सीवर, नाला टैपिंग और कचरा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा; अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के सख्त निर्देश

देहरादून, 30 मई। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं की सफलता केवल प्रस्तुतिकरण में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। शुक्रवार देर शाम कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति एवं अर्धकुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया।

बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिए। टपकेश्वर मंदिर और गढ़ी कैंट क्षेत्र में प्रस्तावित एसटीपी निर्माण के लिए भूमि चयन में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा।

ऋषिकेश में निर्माणाधीन एसटीपी, सीवेज पंपिंग स्टेशन और सीवर लाइन परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश देते हुए डीएम ने नगर निगम ऋषिकेश को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की पायलट परियोजना को मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने को कहा। वहीं डेयरी वेस्ट प्रबंधन की जानकारी देने के लिए संबंधित अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

बिंदाल नदी में गिरने वाले प्रदूषित नालों की टैपिंग में देरी पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और पेयजल निगम को सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने तथा आधुनिक तकनीक से नालों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गंगा सहित अन्य नदियों के तटों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने और प्रदूषण संभावित स्थलों की पहचान कर लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया।

मसूरी के कैमल बैक और अर्केडिया जोन में प्रस्तावित एसटीपी परियोजनाओं में वर्षों से लंबित कार्यों पर भी डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार की चेतावनी देते हुए लंबित मामलों की जांच कर सात दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

अर्धकुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी निर्माण कार्य एनएमसीजी की स्वीकृति एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने नगर निकायों को कूड़ा उठान व्यवस्था मजबूत करने, डंपिंग जोन की निगरानी के लिए सीसीटीवी लगाने तथा अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।

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