: 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोपों के बीच थाने में विवाद, महिला अधिकारी से अभद्रता का भी आरोप
देहरादून, 19 अप्रैल 2026। थाना प्रेमनगर क्षेत्र में पूर्व से चल रहे एक आर्थिक विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब मामले की जांच के दौरान थाने में हंगामा और पुलिसकर्मियों से हाथापाई की घटना सामने आई। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, अभद्रता, मारपीट और धमकी देने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 9 अप्रैल 2026 को श्यामपुर अंबीवाला निवासी यशपाल सिंह ने कोतवाली प्रेमनगर में एक तहरीर दी थी। तहरीर में उन्होंने परवीन सेमवाल और उनकी पत्नी प्रतीक्षा सेमवाल पर गंभीर आरोप लगाए। शिकायत के अनुसार, परवीन सेमवाल वर्ष 2020 से उनके यहां ₹8000 प्रतिमाह की नौकरी करता था, जिसे बाद में ₹18000 प्रतिमाह वेतन दिया जाने लगा।
आरोप है कि विश्वास का लाभ उठाकर परवीन सेमवाल ने अपनी पत्नी प्रतीक्षा सेमवाल और साले आकाश के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। इस दौरान ऑफिस के कैश काउंटर की नकली चाबी बनाकर नगदी चोरी की गई तथा रोड़ी, बजरी, सीमेंट आदि निर्माण सामग्री को बिना जानकारी बेचा गया।
जनवरी 2026 में जब हिसाब-किताब की जांच कराई गई तो गड़बड़ियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने बिना जानकारी के सामग्री बेचकर धन अपने पास रखा और काउंटर से भी पैसे निकाले। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस तरह करीब 55 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
मामले में बातचीत के दौरान आरोपियों द्वारा 20 लाख रुपये लौटाने को लेकर एक लिखित समझौता भी किया गया, लेकिन बाद में आरोपियों ने इस समझौते से इनकार कर दिया।
जांच के सिलसिले में जब परवीन सेमवाल को थाने बुलाया गया, तो कुछ समय बाद उनकी पत्नी प्रतीक्षा सेमवाल अपने भाई आकाश के साथ थाने पहुंचीं। यहां उन्होंने हंगामा किया और आकाश द्वारा थाने में वीडियो बनाया जाने लगा।
पुलिस के अनुसार, जब अपर उपनिरीक्षक शोभा मेहता ने मामले की जानकारी ली, तो आरोपियों ने महिला अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार किया। विरोध करने पर प्रतीक्षा सेमवाल द्वारा मारपीट की गई और वहां से भागने का प्रयास किया गया। पुलिसकर्मियों द्वारा रोकने पर उन्होंने उग्र होकर हाथापाई की।
इस संबंध में थाना प्रेमनगर में सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि थाने में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के अनुसार प्रतीक्षा सेमवाल स्वयं अपने भाई के साथ थाने आई थीं, उन्हें पुलिस द्वारा नहीं लाया गया था।