देहरादून में डायग्नोस्टिक सेंटरों पर कड़ा शिकंजा, मानक पूरे होने पर ही मिलेगी अनुमति

:- फायर सेफ्टी, बायोमेडिकल वेस्ट, सीवेज ट्रीटमेंट और पीसीपीएनडीटी अनुपालन अनिवार्य; लापरवाही पर सेंटर होंगे सील

ओम प्रकाश जोशी, देहरादून, 09 अप्रैल। जिला प्रशासन ने देहरादून में संचालित और प्रस्तावित अल्ट्रासाउंड व सभी रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के लिए सख्त मानक तय कर दिए हैं। अब जिले में कोई भी सेंटर जनसुरक्षा, भवन सुरक्षा, फायर सेफ्टी और प्रदूषण मानकों पर पूरी तरह खरा उतरने के बाद ही पंजीकरण या नवीनीकरण की अनुमति पा सकेगा।

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010, पीसीपीएनडीटी एक्ट और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स का पालन हर हाल में अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले सेंटर, क्लीनिक और अस्पतालों पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के मुताबिक पंजीकरण और नवीनीकरण प्रक्रिया के दौरान स्वच्छता, सफाई, बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट, फायर एनओसी, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की वैध व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी की गहन जांच की जाएगी।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केवल उन्हीं सेंटरों को अनुमति दी जाए जो सभी जनसुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरे उतरते हों। किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी।

प्रशासन का कहना है कि इस सख्ती का उद्देश्य जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है।

इन मानकों के बिना नहीं मिलेगा रजिस्ट्रेशन :-

फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट

बिल्डिंग सेफ्टी प्रमाणपत्र

बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण व्यवस्था

सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी

पीसीपीएनडीटी एक्ट अनुपालन

क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 पालन

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