:- देहरादून के मॉडल इंटेंसिव केयर सेंटर में पढ़ाई के साथ कंप्यूटर, संगीत, योग और खेलकूद से संवर रहा भविष्य
:- साधु राम इंटर कॉलेज में संचालित राज्य के पहले मॉडल इंटेंसिव केयर सेंटर की स्मार्ट लाइब्रेरी बनी आकर्षण का केंद्र, 25 बच्चे वर्तमान में ले रहे शिक्षा
ओम प्रकाश जोशी, देहरादून, 07 अप्रैल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा और जिलाधिकारी सविन बंसल के सतत प्रयासों से बाल भिक्षावृत्ति निवारण तथा वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में देहरादून में एक सराहनीय पहल आकार ले रही है। साधु राम इंटर कॉलेज में संचालित राज्य का पहला मॉडल इंटेंसिव केयर सेंटर अब भटके बचपन को नई दिशा देने वाला केंद्र बनकर उभर रहा है।
यहां बच्चों को केवल औपचारिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि कौशल विकास आधारित समग्र प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कंप्यूटर शिक्षा, संगीत, योग और खेलकूद जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व का बहुआयामी विकास किया जा रहा है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ मुख्यधारा में लौट सकें।
सेंटर में स्थापित आधुनिक स्मार्ट लाइब्रेरी बच्चों और आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वातानुकूलित सुविधा, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और विशेष रूप से डिजाइन किए गए फर्नीचर से सुसज्जित यह पुस्तकालय बच्चों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रहा है। यहां विविध प्रकार की ज्ञानवर्धक पुस्तकें रखी गई हैं, जो वंचित बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास को नई दिशा दे रही हैं। सेंटर का भ्रमण करने वाले आगंतुक भी यहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना कर रहे हैं।
जिलाधिकारी सविन बंसल की माइक्रो प्लानिंग के तहत सड़कों पर भटकते बचपन को संवारने के लिए यह सेंटर मिसाल बन रहा है। भीख मांगने और कूड़ा बीनने वाले बच्चों को ट्रेस करने के बाद उनकी काउंसलिंग की जाती है। इसके बाद उन्हें अक्षर ज्ञान, तकनीकी शिक्षा, संगीत और खेलकूद गतिविधियों से जोड़ते हुए स्कूलों में दाखिला दिलाया जा रहा है।
इस पहल के संचालन के लिए जिला प्रशासन ने आसरा, समर्पण और सरफीना जैसे स्वैच्छिक समूहों के साथ एमओयू किया है। जिला प्रशासन अब तक 325 बच्चों का रेस्क्यू कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ चुका है। इनमें 91 भीख मांगते बच्चे, 97 बाल मजदूरी में संलिप्त और 137 कूड़ा बीनने वाले बच्चे शामिल हैं। वर्तमान में सेंटर में 25 बच्चों को शिक्षा दी जा रही है।
इंटेंसिव केयर सेंटर की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और इसका पूरा व्यय जिला प्रशासन वहन कर रहा है। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सेंटर में आरबीएसके टीम द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जा रहा है।