देहरादून मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप देने की कवायद तेज, जनभागीदारी और हरित विकास पर जोर

:- एमडीडीए की उच्चस्तरीय बैठक में रणनीति तय, वार्ड स्तर पर कैंप लगाकर लिए जाएंगे सुझाव; ट्रैफिक, हरियाली और निवेश के नए अवसरों पर फोकस

देहरादून, 04 अप्रैल 2026। राजधानी देहरादून के सुनियोजित, संतुलित और दीर्घकालिक विकास की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस मास्टर प्लान को जनभागीदारी आधारित, पर्यावरण संतुलित और आधुनिक शहरी जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

शनिवार को प्राधिकरण कार्यालय में सचिव आवास Dr. R. Rajesh Kumar की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मास्टर प्लान के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और इसे अंतिम स्वरूप देने के लिए ठोस रणनीति तय की गई।

बैठक में एमडीडीए के उपाध्यक्ष Banshidhar Tiwari, सचिव Mohan Singh Barnia समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

जनभागीदारी होगी सबसे बड़ी ताकत

बैठक में तय किया गया कि इस बार मास्टर प्लान को पूरी तरह जनकेंद्रित बनाया जाएगा। नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में विशेष कैंप लगाकर नागरिकों की आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे, जिससे योजना अधिक व्यवहारिक और जनोन्मुखी बन सके।

ट्रैफिक, सड़क और पार्किंग पर बड़ा फोकस

तेजी से बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन, पार्किंग और नए बाईपास कॉरिडोर पर विशेष जोर दिया गया है। शहर के प्रमुख जाम क्षेत्रों के समाधान के लिए स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी प्रस्तावित किया गया है।

ग्रीन देहरादून की दिशा में कदम

देहरादून की प्राकृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए नदी तट संरक्षण, बड़े स्तर पर वृक्षारोपण और नए ग्रीन जोन विकसित करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों ने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

आपत्तियों के निस्तारण को नई समिति

मास्टर प्लान से जुड़ी आपत्तियों और सुझावों के त्वरित निस्तारण के लिए तीन सदस्यीय नई समिति गठित की गई है। इसमें उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव को शामिल किया गया है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

मसूरी के लिए अलग विजन

बैठक में Mussoorie के मास्टर प्लान पर भी चर्चा हुई। इसे मॉडल हिल स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन और पर्यावरण के संतुलन पर विशेष जोर दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि सभी विभागों के बेहतर समन्वय से इस मास्टर प्लान को जमीन पर उतारा जाएगा, जिससे देहरादून को आधुनिक, व्यवस्थित और निवेश अनुकूल शहर बनाया जा सके।

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