“ऑपरेशन प्रहार” का असर: दून पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, त्रिवेणी घाट से गिरफ्तारी
देहरादून/ऋषिकेश, 1 अप्रैल 2026।
मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देशों पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत दून पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग क्षेत्र में हुई 18.5 लाख रुपये की डकैती के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।
ऋषिकेश में दून और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा पकड़ा गया 18.5 लाख डकैती का आरोपी।
आरोपी की गिरफ्तारी दून पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में की। इस कार्रवाई से अपराधियों में खलबली मची हुई है।
सीसीटीवी और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता
महाराष्ट्र पुलिस ने कोतवाली ऋषिकेश पहुंचकर सूचना दी थी कि रायगढ़ जिले के अलीबाग में दर्ज डकैती के मुकदमे का फरार आरोपी योगेश रमेश लहारे (31 वर्ष) ऋषिकेश क्षेत्र में देखा गया है।
सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर ऋषिकेश पुलिस की टीम गठित की गई। संयुक्त टीम ने शहर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी की मूवमेंट ट्रेस की, साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।
त्रिवेणी घाट पर घेराबंदी कर पकड़ा
चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध व्यक्ति त्रिवेणी घाट स्थित शिव मूर्ति के पास घूम रहा है। टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन टीम ने तेजी दिखाते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया।
महाराष्ट्र पुलिस ने उसकी पहचान अलीबाग डकैती कांड के फरार आरोपी योगेश रमेश लहारे के रूप में की। पूछताछ के बाद आरोपी को महाराष्ट्र पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ ले जाया गया।
गिरफ्तार आरोपी
योगेश रमेश लहारे, पुत्र रमेश लहारे
निवासी – पडसगांव बुधरु, थाना मानगांव, जिला रायगढ़, महाराष्ट्र