:- अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने सुरक्षा और दूरी का हवाला देते हुए पुरानी समय-सारिणी बहाल रखने की मांग उठाई
मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के संचालन समय में किए गए बदलाव का पहाड़ी क्षेत्रों में विरोध शुरू हो गया है। अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तराखंड ने सुबह 7:10 बजे विद्यालय खुलने के समय को अव्यवहारिक बताते हुए इसे यथावत रखने की मांग की है।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय बिजल्वाण और प्रांतीय महामंत्री महादेव मैठाणी ने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी इलाकों से पूरी तरह अलग हैं। यहां छात्र-छात्राएं दूरस्थ गांवों से लंबी दूरी तय कर विद्यालय पहुंचते हैं, ऐसे में सुबह बहुत जल्दी स्कूल खुलना उनके लिए कठिन साबित होगा।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाकों में जंगली जानवरों का खतरा लगातार बना रहता है और सुबह के समय यह जोखिम और बढ़ जाता है। कई अप्रिय घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। ऐसे में स्कूल समय में बदलाव छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय है।
संघ ने सरकार से मांग की है कि पहाड़ी क्षेत्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और पूर्व की समय-सारिणी को ही जारी रखा जाए।