:- महिला एवं बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर ने दी जानकारी—69 वात्सल्य सदनों को मंजूरी, ट्रैक चाइल्ड पोर्टल हुआ और मजबूत
मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून/नई दिल्ली। डॉ. नरेश बंसल, भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद, ने संसद में बच्चों के संरक्षण और देखभाल से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए मिशन वात्सल्य के क्रियान्वयन पर सवाल किया। उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से तीन प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी।
डॉ. बंसल ने पूछा कि—
बच्चों की देखभाल के लिए परिवार आधारित गैर-संस्थागत व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं,
देशभर में अब तक कितने वात्सल्य सदन स्थापित किए गए हैं,
और लापता बच्चों की खोज व प्रबंधन के लिए ट्रैक चाइल्ड पोर्टल और अन्य सिस्टम के एकीकरण में क्या प्रगति हुई है।
मंत्री ने दिया विस्तृत जवाब
इन सवालों का जवाब देते हुए सावित्री ठाकुर, महिला एवं बाल विकास मंत्री, ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मिशन वात्सल्य एक प्रमुख योजना के रूप में लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण और देखभाल उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत संस्थागत देखभाल के साथ-साथ परिवार आधारित गैर-संस्थागत देखभाल को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि बच्चों को परिवार जैसा माहौल मिल सके।
बच्चों को मिल रही आर्थिक सहायता
मंत्री ने बताया कि गैर-संस्थागत देखभाल के तहत—
प्रायोजन (Sponsorship)
पालन-पोषण (Foster Care)
दत्तक ग्रहण (Adoption)
पश्चात देखभाल (After Care)
जैसे विकल्पों के माध्यम से बच्चों को सहायता दी जाती है। इसके अंतर्गत पात्र बच्चों को ₹4000 प्रतिमाह की आर्थिक मदद भी प्रदान की जा रही है।
69 वात्सल्य सदनों को मंजूरी
सरकार ने अब तक देशभर में 69 वात्सल्य सदनों को मंजूरी दी है, जो राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रस्तावों के आधार पर स्थापित किए जा रहे हैं।
ट्रैक चाइल्ड पोर्टल से बढ़ी निगरानी:
मंत्री ने बताया कि लापता बच्चों की खोज को और प्रभावी बनाने के लिए—
Track Child Portal
Khoya-Paya App
CARINGS (Adoption Portal)
को एकीकृत कर एक समरूप मिशन वात्सल्य पोर्टल तैयार किया गया है।
यह सिस्टम गृह मंत्रालय के CCTNS नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है, जिससे FIR और लापता बच्चों के डेटा का मिलान आसान हो गया है।
राज्यों में नोडल अधिकारी नियुक्त :
मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि लापता बच्चों के मामलों की निगरानी के लिए राज्य और जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं।
निष्कर्ष : डॉ. नरेश बंसल द्वारा उठाए गए इस मुद्दे से स्पष्ट है कि सरकार बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास और पारिवारिक माहौल में उनके बेहतर भविष्य के लिए मिशन वात्सल्य को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।