:- आयुष व ईएसआई के 332 नव नियुक्त कार्मिकों को मिले नियुक्ति पत्र
:- मुख्यमंत्री बोले- पारदर्शी भर्ती से युवाओं को मिल रहा मेहनत और योग्यता का हक
:- टिहरी गढ़वाल जिले के रत्वाडी गांव निवासी सुरेश रतूड़ी भी बने फार्मेसी अधिकारी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में आयुष विभाग के 271 और कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) के 61 एलोपैथिक फार्मेसी अधिकारियों समेत कुल 332 नव नियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन सेवाभाव, संवेदनशीलता और पूरी निष्ठा के साथ करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र मिलना युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन इसके साथ जनसेवा की नई जिम्मेदारी भी शुरू होती है। सरकारी नौकरी को केवल रोजगार न मानते हुए इसे समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयुष और ईएसआई से जुड़े कार्मिकों की भूमिका सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ी है, इसलिए उनकी कार्यशैली में संवेदनशीलता और तत्परता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने वाले लोगों को व्यवस्था से बड़ी उम्मीद होती है। कार्मिकों की कार्यकुशलता, संवेदनशीलता और सही निर्णय इस भरोसे को मजबूत करते हैं। अस्पताल पहुंचने वाला हर व्यक्ति उम्मीद लेकर आता है और ईमानदार प्रयास उसके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। नकल माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि यह पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आयुष प्रदेश और ग्लोबल वेलनेस हब बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड योग, आयुर्वेद और औषधीय जड़ी-बूटियों की समृद्ध परंपरा वाला राज्य है। सरकार उत्तराखंड को मॉडल ‘आयुष प्रदेश’ और ‘ग्लोबल वेलनेस हब’ के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। सभी जिलों में आयुष सेवाओं के विस्तार के साथ पंचकर्म सेवाओं को आधुनिक बनाया जा रहा है और आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ई-संजीवनी के माध्यम से लोगों को घर बैठे विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा मिल रही है। ‘आयुष सेतु पोर्टल’ भी इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेश के कई होमस्टे को नजदीकी आयुर्वेद चिकित्सालयों की वेलनेस सेवाओं से जोड़ा गया है। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड आने वाले लोगों को योग, आयुर्वेद और पंचकर्म के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक शांति का अनुभव कराना है।
सभी 13 जिलों में पहुंची ईएसआई सेवा
धामी ने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना की स्वास्थ्य सेवाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। पहले ईएसआई योजना छह जिलों में संचालित थी, जिसे अब सभी 13 जिलों तक पहुंचाया गया है। रुद्रपुर में 100 बेड के ईएसआई अस्पताल का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि हरिद्वार में 300 बेड के अस्पताल का निर्माण जारी है। काशीपुर में भी ईएसआई अस्पताल के लिए भूमि चिन्हित की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 47 नए चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने नव नियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार आयुष सेवाओं को अधिक सुदृढ़ और जनसुलभ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। नव नियुक्त कार्मिकों से उन्होंने पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में योगदान देने की अपेक्षा की।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, सचिव श्रम श्रीधर बाबू अद्दांकी, सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा रंजना राजगुरू, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, आकांक्षा कोण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।