समाज कल्याण मंत्री ने श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की सेवाओं को सराहा, हरसंभव मदद का दिया भरोसा
श्री दरबार साहिब में टेका मत्था, श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से लिया आशीर्वाद
ओम प्रकाश जोशी, देहरादून। राज्य सरकार जल्द ही विभिन्न अनुबंधित स्वास्थ्य योजनाओं के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल को जारी करेगी। समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने बुधवार को श्री दरबार साहिब पहुंचकर यह भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान, गोल्डन कार्ड और ईएसआई जैसी योजनाओं में जहां कई अस्पतालों ने सेवाएं सीमित कर दीं, वहीं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने लगातार मरीजों की सेवा जारी रखकर सरकार का सहयोग किया, इसलिए सरकार भी संस्थान को हरसंभव सहायता देगी।
श्री दरबार साहिब में श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से आशीर्वाद लेते समाज कल्याण मंत्री खजान दास।
मंत्री ने राजपुर स्थित माँ अम्बिका देवी मंदिर के भव्य जीर्णोद्धार कार्य की खुलकर सराहना की और इसे धार्मिक आस्था व सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
बुधवार को अपने पहले आधिकारिक दौरे पर श्री दरबार साहिब पहुंचे मंत्री खजान दास ने मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से शिष्टाचार भेंट कर आशीर्वाद लिया। मुलाकात के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य सेवाएं और सामाजिक कल्याण जैसे समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल आमजन को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार वृद्धजन, दिव्यांगजन, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस मौके पर श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की भी जानकारी साझा की गई। कैबिनेट मंत्री बनने के बाद यह खजान दास का श्री दरबार साहिब का पहला दौरा रहा, जिसे राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अस्पताल ने नहीं रोकीं योजनाओं की सेवाएं :-
आयुष्मान, गोल्डन कार्ड और ईएसआई जैसी योजनाओं में भुगतान लंबित रहने के बावजूद श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने मरीजों का उपचार जारी रखा। मंत्री ने इसे संस्थान की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता बताते हुए सरकार की ओर से शीघ्र भुगतान का आश्वासन दिया।