धीरेंद्र प्रताप बोले—सरकार बनाए टाइम-बाउंड प्लान, गृह सचिव ने दिया आश्वासन; चुने गए बच्चों की सीटें रहेंगी सुरक्षित
मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। राज्य आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आज उत्तराखंड सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन और सत्याग्रह किया। आंदोलनकारियों ने चिन्हीकरण की प्रक्रिया, 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण और पुलिस भर्ती में चयनित आंदोलनकारी बच्चों को नौकरी न मिलने के विरोध में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यह प्रदर्शन उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, महासचिव रामलाल खंडूरी, प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती और चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक एवं पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप के संयुक्त नेतृत्व में हुआ।
प्रदर्शन के दौरान धीरेंद्र प्रताप और जगमोहन सिंह नेगी ने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द क्षैतिज आरक्षण लागू किया जाए और जिन आंदोलनकारियों का चयन हो चुका है, उन्हें शीघ्र सरकारी नौकरियों में समायोजित किया जाए।
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि चिन्हीकरण की प्रक्रिया में देरी हो रही है और पुलिस भर्ती में चयनित आंदोलनकारी परिवारों के बच्चों को नौकरी नहीं दी जा रही, जिससे उनमें भारी आक्रोश है।
गृह सचिव से हुई डेढ़ घंटे की वार्ता शाम 4:30 बजे आंदोलनकारियों के एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के गृह सचिव शैलेश बगोली से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में धीरेंद्र प्रताप, रामलाल खंडूरी, प्रदीप कुकरेती, आनंद सिंह राणा और अन्य शामिल रहे।
करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में गृह सचिव ने बताया कि मामला फिलहाल कानून विभाग में परीक्षणाधीन है। वहां से राय मिलते ही पुलिस भर्ती में चयनित आंदोलनकारी बच्चों को सरकारी नौकरी में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि चयनित बच्चों के लिए पद सुरक्षित रखे गए हैं और किसी को भी नौकरी से वंचित नहीं किया जाएगा।
चिन्हीकरण पर भी जल्द फैसला का भरोसा गृह सचिव ने बताया कि चिन्हीकरण और आरक्षण से जुड़े नियमों पर कानून विभाग से सलाह मांगी गई है। राय मिलते ही प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा।
धीरेंद्र प्रताप का सरकार पर दबाव धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले में टाइम-बाउंड कार्यक्रम बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन को तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक एक भी व्यक्ति का चिन्हीकरण नहीं हुआ है, जो गंभीर लापरवाही है।
रामलाल खंडूरी, प्रदीप कुकरेती और आनंद सिंह राणा ने भी आंदोलनकारियों के पक्ष में अपनी बात रखते हुए सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।
राजस्थान मॉडल का भी दिया हवाला बैठक में आंदोलनकारियों ने राजस्थान के एक समान प्रकरण का उदाहरण भी सरकार के सामने रखा, जिसे गृह सचिव ने स्वीकार करते हुए कहा कि इससे निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
चेतावनी: टकराव की स्थिति न बने धीरेंद्र प्रताप ने अधिकारियों से कहा कि वे इस मामले में तेजी दिखाएं, ताकि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा न हो।