पर्यटन के बढ़ते दबाव के बीच पर्यावरण संरक्षण पर एमडीडीए का बड़ा दांव, बच्चों से युवाओं तक सबके लिए होंगी आधुनिक सुविधाएं ओम प्रकाश जोशी, देहरादून/मसूरी, 08 अप्रैल। पर्यटन नगरी मसूरी को जल्द ही एक नई ‘ग्रीन आइडेंटिटी’ मिलने जा रही है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने हुसैनगंज क्षेत्र में करीब 15.5 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक प्रकृति उद्यान (ईको पार्क) विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के दिशा-निर्देशों में तैयार यह परियोजना पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
एमडीडीए का मानना है कि मसूरी में बढ़ते पर्यटन दबाव के बीच प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसी सोच के तहत प्रस्तावित ईको पार्क को पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जहां प्रकृति और आधुनिक सुविधाओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
घने जंगलों के बीच वॉकिंग ट्रेल, कृत्रिम जलाशय और एडवेंचर जोन
हुसैनगंज में बनने वाले इस प्रकृति उद्यान में कृत्रिम पहाड़ी जलाशय, घने पेड़ों के बीच वन पथ, बच्चों के लिए बाल उद्यान, युवाओं के लिए एडवेंचर एक्टिविटी जोन, योग पथ, गज़ीबो और भोजनालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
परियोजना का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन स्थल बनाना नहीं, बल्कि लोगों को प्रकृति के करीब लाकर पर्यावरण जागरूकता बढ़ाना भी है। परिवार, बच्चे और युवा—सभी के लिए यह नया स्पॉट आकर्षण का केंद्र बनेगा।
स्थानीय पेड़-पौधों से बढ़ेगी हरियाली, जैव विविधता को मिलेगा सहारा :-
ईको पार्क में स्थानीय प्रजातियों के पेड़-पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की हरियाली बढ़ने के साथ जैव विविधता को नई मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे हरित क्षेत्र स्वच्छ वातावरण देने के साथ प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
संग्रहालय में दिखेगी मसूरी की संस्कृति और प्रकृति की विरासत
परियोजना के तहत एक मिनी म्यूजियम भी बनाया जाएगा, जहां मसूरी और आसपास के क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय परंपराएं और जैव विविधता से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित होगी। इससे पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता के साथ क्षेत्र के इतिहास और पर्यावरणीय महत्व को भी करीब से जान सकेंगे।
कम कंक्रीट, ज्यादा प्रकृति—स्थानीय संसाधनों को प्राथमिकता
एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य के दौरान न्यूनतम कंक्रीट और अधिकतम स्थानीय सामग्री का उपयोग किया जाएगा। प्राकृतिक ढलानों, स्थानीय वनस्पतियों और पहाड़ी स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए पार्क विकसित किया जाएगा। इससे पर्यावरणीय प्रभाव कम होने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
‘मसूरी को मिलेगा नया ग्रीन टूरिज्म मॉडल’ :-
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के मार्गदर्शन में मसूरी को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यह ईको पार्क आने वाले समय में मसूरी के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनेगा और स्थानीय लोगों को भी प्रकृति के बीच एक स्वच्छ सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराएगा।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया के अनुसार पूरी योजना पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, ताकि विकास और संरक्षण के बीच संतुलन कायम रखा जा सके।
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ईको पार्क की 8 बड़ी खासियतें :
1: 15.5 एकड़ में विशाल प्रकृति उद्यान