स्थानीय जनता ने पुश्तैनी जमीनें दान कीं, अब मानकों के खिलाफ काम का आरोप; सीएम से हस्तक्षेप और मुकदमे वापस लेने की मांग
श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल)। श्रीनगर के सुमाड़ी क्षेत्र में बन रहे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) के निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय जनता में भारी रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का आरोप है कि जिन ग्रामीणों ने अपनी पुश्तैनी जमीनें दान देकर इस परियोजना के लिए बड़ा त्याग किया, आज उन्हीं के हितों की अनदेखी की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी द्वारा कई मामलों में तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। एनजीटी (NGT) के दिशा-निर्देश, पर्यावरण सुरक्षा, पेड़ों के कटान, सीवरेज व्यवस्था, डंपिंग जोन, सड़क सुरक्षा और स्थानीय युवाओं को रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
आरोप यह भी है कि परियोजना का स्वीकृत बजट लगभग 1000 करोड़ रुपये था, जो घटकर करीब 500 करोड़ रुपये रह गया है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इन सभी मुद्दों को लेकर डॉ. सुधीर जोशी (निवर्तमान प्रदेश मंत्री, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा) के नेतृत्व में स्थानीय जनता आंदोलन कर रही है। आंदोलन को क्षेत्र के लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि कई बार प्रशासन को ज्ञापन और शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। वहीं संबंधित निर्माण संस्था के उच्च अधिकारियों द्वारा भी इस मामले में अभी तक कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया गया है।
आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर उचित समाधान निकालने की मांग की है। साथ ही आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने और स्थानीय जनता के हितों की रक्षा करने की मांग भी उठाई गई है।