पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण होगा आसान, खिलाड़ी बसों में कर सकेंगे मुफ्त सफर

-कैबिनेट बैठक में 7400 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मिली मंजूरी

– एससी-एसटी छात्रों को मुफ्त कोचिंग, 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के पुनर्गठन पर भी मुहर

: सड़क निर्माण के लिए पहाड़ कटान और सुरक्षा कार्यों की अनुमति अब एक साथ मिलेगी, समय की होगी बचत

 : स्टांप से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण को वन टाइम सेटलमेंट योजना, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता भी आसान

 : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक, 26 प्रस्तावों को मंजूरी, 27 अक्टूबर से होने वाले विधानसभा सत्र में पेश होगा अनुपूरक बजट

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, खेल, सड़क निर्माण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 26 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष के लिए 7400 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को स्वीकृति देने के साथ ही एससी-एसटी वर्ग के अधिक से अधिक छात्रों को मुफ्त कोचिंग का लाभ देने का निर्णय लिया। वहीं, राज्य के खिलाड़ियों को बसों में मुफ्त सफर की सुविधा देने पर भी मुहर लगाई गई। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण की प्रक्रिया को सरल बनाने, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के पुनर्गठन तथा स्टांप से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

कैबिनेट ने 7400 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसे 27 अक्टूबर से गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। अनुपूरक बजट में विभिन्न विकास योजनाओं और विभागीय जरूरतों के लिए धनराशि का प्रावधान किया जाएगा।

प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण को गति देने के लिए लोक निर्माण विभाग को बड़ी राहत दी गई है। अब सड़क निर्माण के लिए पहाड़ कटान और उसके बाद संबंधित क्षेत्र में सुरक्षात्मक कार्यों की अनुमति अलग-अलग लेने की आवश्यकता नहीं होगी। दोनों कार्यों के लिए एक साथ मंजूरी मिल सकेगी। इससे सड़क निर्माण की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा।

वर्तमान व्यवस्था में पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण के लिए दो चरणों में अनुमति लेनी पड़ती है। परियोजना की स्वीकृति के बाद पहले चरण में पहाड़ कटान की अनुमति मिलती है, जबकि दूसरे चरण में सुरक्षा दीवार, पुलिया और नालियों आदि के निर्माण के लिए अलग से मंजूरी लेनी पड़ती है। नई व्यवस्था से इन दोनों कार्यों की अनुमति एक साथ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

एससी-एसटी छात्रों को मुफ्त कोचिंग का दायरा बढ़ेगा –

कैबिनेट ने राज्य के अधिक से अधिक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों को मुफ्त कोचिंग योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। इसके तहत समाज कल्याण विभाग की निःशुल्क कोचिंग योजना के लिए परिवार की सालाना आय की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अधिक छात्रों को योजना का लाभ मिल सकेगा।

इसके साथ ही खिलाड़ियों को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से प्रदेश के खिलाड़ियों को आवागमन में राहत मिलेगी।

13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों का होगा पुनर्गठन –

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कैबिनेट ने प्रदेश के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के ढांचे को मंजूरी दी है। प्रत्येक डायट में पदों की संख्या 48 से घटाकर 44 की जाएगी। नए ढांचे में प्रत्येक डायट में उप प्राचार्य की तैनाती भी हो सकेगी।

कैबिनेट ने हरिद्वार और यूएसनगर जिले में पीएम पोषण योजना के तहत अन्नामृता फाउंडेशन को केंद्रीकृत किचन की स्थापना के लिए भूमि आवंटित करने को भी मंजूरी दी है। अभी भोजनमाताएं खाना बना रही हैं।

स्टांप के 3600 लंबित मामलों के निस्तारण का रास्ता साफ –

राज्य में स्टांप से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के लिए कैबिनेट ने एकमुश्त समाधान यानी वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू करने को मंजूरी दी है। वर्तमान में राज्य के विभिन्न न्यायालयों में स्टांप से जुड़े करीब 3600 मामले लंबित हैं। इनका निस्तारण होने से राज्य को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है। साथ ही लंबित मामलों के पक्षकारों को भी राहत मिलेगी।

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया होगी सरल

कैबिनेट ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी है। इसके साथ ही रुड़की के आरोग्यम विधि और बीएसएम विधि को निजी विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता देने तथा उत्तरकाशी के मांजरी देवी विश्वविद्यालय और देहरादून के आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय के संचालन को नियमावली के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

हरिद्वार में हवाई अड्डे और आठवीं तक के स्कूलों में भोजन व्यवस्था से जुड़े फैसले-

कैबिनेट ने हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में केंद्रीकृत किचन के लिए भूमि आवंटन के अलावा हरिद्वार में हवाई अड्डे से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में केंद्रीय किचन के माध्यम से आठवीं तक के स्कूली बच्चों के भोजन की व्यवस्था की जाएगी।

समान नागरिक संहिता संशोधन को मंजूरी

कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रावधानों को मंजूरी दी। इसके तहत व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए नियमों में संशोधन का रास्ता साफ किया गया है। इसके अलावा सिविल विधि संशोधन विधेयक और मानवाधिकार आयोग की सालाना रिपोर्ट 2019-22 को भी स्वीकृति दी गई।

अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर भी मुहर

कैबिनेट ने उत्तराखंड रेशम कीट पालन विभाग में उप निदेशक के पद पर नियुक्ति, राज्य कर अधिकारी सेवा द्वितीय संशोधन नियमावली, उत्तराखंड एक्सट्रैक्ट ट्रेडम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के गठन तथा यूपी पुनर्गठन अधिनियम में जनजातियों की सूची में जौनसारी शब्द को जौनसारी के रूप में संशोधित करने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी।

इसके अलावा राज्य में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सेवा नियमावली, वित्तीय डाटा सेंटर के तकनीकी संवर्ग के पुनर्गठन और विभागीय लेखा निदेशालय में कनिष्ठ सहायकों के पांच नए पदों के सृजन के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।

 कैबिनेट के प्रमुख फैसले –

7400 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी।

एससी-एसटी वर्ग के अधिक छात्रों को मुफ्त कोचिंग का लाभ।

खिलाड़ियों को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा।

पहाड़ों में सड़क निर्माण के लिए अनुमति प्रक्रिया सरल।

सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के ढांचे को मंजूरी।

डायट में पदों की संख्या 48 से घटाकर 44 होगी।

स्टांप से जुड़े करीब 3600 लंबित मामलों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना।

उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी।

हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में केंद्रीकृत किचन की स्थापना के लिए भूमि आवंटन।

समान नागरिक संहिता संशोधन अधिनियम को मंजूरी।

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