:- वीनू मांकड़ ट्रॉफी में 19 चौकों और 8 छक्कों से मचाया धमाल, दिल्ली के कप्तान आर्यवीर ने पिता के अंदाज में की गेंदबाजों की धुनाई, हालांकि शानदार पारी के बावजूद टीम को मिली हार
मोनाल एक्सप्रेस, स्पोर्ट्स डेस्क, 17 अक्टूबर। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाज अब उनके बड़े बेटे आर्यवीर सहवाग के बल्ले में भी नजर आने लगा है। दिल्ली अंडर-19 टीम के कप्तान आर्यवीर ने वीनू मांकड़ ट्रॉफी में चंडीगढ़ के खिलाफ ऐसी तूफानी पारी खेली कि क्रिकेट प्रेमियों को एक बार फिर वीरेंद्र सहवाग के पुराने दिनों की याद आ गई। महज 18 साल के आर्यवीर ने 143 गेंदों पर 173 रन ठोककर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। इस दौरान उन्होंने 19 चौके और 8 छक्के जड़ते हुए विपक्षी गेंदबाजों की जमकर खबर ली।
विजयनगरम के डॉ. पीवीजी राजू एसीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए मुकाबले में आर्यवीर शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और चंडीगढ़ के गेंदबाजों को दबाव में रखा। उनकी बल्लेबाजी में वही बेखौफ अंदाज, बड़े शॉट खेलने का आत्मविश्वास और गेंदबाजों पर हावी होने की कोशिश दिखाई दी, जिसके लिए उनके पिता वीरेंद्र सहवाग दुनिया भर में मशहूर रहे हैं।
19 चौके, 8 छक्के और 121 का स्ट्राइक रेट:-
आर्यवीर सहवाग की इस पारी की सबसे खास बात उनका आक्रामक अंदाज रहा। उन्होंने 173 रनों में से 124 रन सिर्फ चौकों और छक्कों से बटोरे। करीब 121 के स्ट्राइक रेट से खेली गई इस पारी में आर्यवीर ने दिखाया कि वह न केवल लंबी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर तेजी से रन भी बना सकते हैं।
दिल्ली की कप्तानी संभाल रहे आर्यवीर ने सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। उन्होंने अर्नव बुग्गा के साथ पहले विकेट के लिए 98 रनों की साझेदारी की। बुग्गा ने 47 रनों का योगदान दिया। इसके बाद मध्यक्रम में विकेट गिरने के बावजूद आर्यवीर ने एक छोर संभाले रखा और शांतनु यादव के साथ पांचवें विकेट के लिए 89 रन जोड़े। शांतनु ने 27 रन बनाए।
आर्यवीर की शानदार कप्तानी पारी की बदौलत दिल्ली ने निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट खोकर 289 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
आर्यवीर के 173 रनों पर भारी पड़े रूपेश यादव के नाबाद 167 रन :-
दिल्ली के कप्तान की धमाकेदार पारी के बावजूद टीम जीत हासिल नहीं कर सकी। 290 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चंडीगढ़ की टीम ने भी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया।
चंडीगढ़ के रूपेश यादव ने 125 गेंदों पर नाबाद 167 रनों की शानदार पारी खेलकर मुकाबले का रुख पलट दिया। उनकी इस पारी के दम पर चंडीगढ़ ने महज 41.3 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और दिल्ली को पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि दिल्ली मुकाबला हार गई, लेकिन आर्यवीर सहवाग की 173 रनों की विस्फोटक पारी इस मैच के प्रमुख आकर्षणों में रही।
पिता वीरेंद्र सहवाग की तरह बेखौफ बल्लेबाजी :-
वीरेंद्र सहवाग की पहचान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसे बल्लेबाज के रूप में रही है, जो पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर हमला करने का माद्दा रखते थे। आर्यवीर की बल्लेबाजी में भी कुछ ऐसा ही अंदाज दिखाई दे रहा है।
खास बात यह है कि आर्यवीर केवल बड़े शॉट खेलने पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि लंबी पारियां खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की क्षमता भी दिखा रहे हैं। चंडीगढ़ के खिलाफ 173 रनों की पारी इसका ताजा उदाहरण है।
297 रन की पारी से भी बटोर चुके हैं सुर्खियां:-
आर्यवीर सहवाग इससे पहले भी जूनियर क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। कूच बिहार ट्रॉफी में मेघालय के खिलाफ उन्होंने 297 रनों की विशाल पारी खेलकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यूथ वनडे सीरीज में भी आर्यवीर को भारतीय अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला था। इस सीरीज की तीन पारियों में उन्होंने कुल 109 रन बनाए थे।
इसके अलावा आर्यवीर दिल्ली प्रीमियर लीग में वेस्ट दिल्ली लायंस की ओर से भी खेल चुके हैं। कर्नाटक के खिलाफ पिछले मुकाबले में 32 रन पर आउट होने के बाद चंडीगढ़ के विरुद्ध उनकी 173 रनों की पारी शानदार वापसी के रूप में देखी जा रही है।
फिलहाल आर्यवीर सहवाग का क्रिकेट करियर शुरुआती दौर में है, लेकिन उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं। पिता वीरेंद्र सहवाग की तरह गेंदबाजों पर हावी होने का उनका अंदाज क्रिकेट प्रेमियों के लिए आकर्षण बनता जा रहा है।