कांग्रेस नेताओं की छवि धूमिल करने वाले ‘सोशल मीडिया (पेज) एकाउंट’ पर कार्रवाई की मांग

:- सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कांग्रेस ने एसपी जय बलूनी को सौंपा ज्ञापन, एक सप्ताह में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

देहरादून। कांग्रेस नेताओं की राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को कथित तौर पर धूमिल करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और कूटरचित पोस्ट प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर देहरादून की पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जय बलूनी को ज्ञापन सौंपा।

कांग्रेस प्रदेश सचिव स्वाति नेगी सहित पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसपी को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि ‘वसूली अभियान मोर्चा’ नाम से संचालित सोशल मीडिया फेसबुक अकाउंट के माध्यम से कांग्रेस नेताओं के खिलाफ लगातार राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली कूटरचित सामग्री और वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं।

ज्ञापन में कहा गया कि कांग्रेस नेताओं के खिलाफ किए जा रहे कथित कुप्रचार को लेकर पूर्व में भी 28 दिसंबर 2025 को लिखित शिकायत देकर उचित कार्रवाई की मांग की गई थी। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से संबंधित सोशल मीडिया संचालकों के हौसले बढ़े हैं। आरोप है कि इसके बाद भी 28 फरवरी 2026 और उसके पश्चात कांग्रेस नेताओं की छवि खराब करने के उद्देश्य से लगातार पोस्ट एवं वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम नागरिकों द्वारा सरकार और प्रशासन की नाकामियों को लेकर की जाने वाली शिकायतों पर जहां तत्काल कार्रवाई की जाती है, वहीं विपक्षी दल के नेताओं की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और राजनीतिक दल अथवा उसके समर्थकों के आधार पर कार्रवाई में भेदभाव नहीं होना चाहिए।

ज्ञापन में मांग की गई कि ‘वसूली अभियान मोर्चा’ नामक सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने वाले संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आईटी एक्ट एवं अन्य सक्षम कानूनी धाराओं के तहत तत्काल कार्रवाई की जाए तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही आपत्तिजनक सामग्री की जांच कर उसके स्रोत का पता लगाया जाए।

कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।

इस दौरान कांग्रेस की प्रदेश सचिव स्वाति नेगी समेत पार्टी की महिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

कांग्रेस प्रदेश सचिव स्वाति नेगी ने भावुक होते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी महिला के चरित्र और उसके पारिवारिक सम्मान को निशाना बनाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि वह एक विवाहिता हैं, उनका अपना परिवार और ससुराल पक्ष है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनके राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन को लेकर जिस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणियां और भ्रामक सामग्री प्रसारित की जा रही है, वह केवल उनका व्यक्तिगत अपमान नहीं बल्कि उनके पूरे परिवार की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने का प्रयास है। स्वाति ने कहा कि यह पोस्ट सिर्फ उनका नहीं प्रताप नगर के सम्मानित विधायक विक्रम सिंह नेगी और पूर्व अध्यक्ष करन महरा जो कि दोनों ही उनके पिता समान हैं उनके मान सम्मान पर प्रश्न चिन्ह लगाता है।

उन्होंने कहा, “राजनीति में हम आलोचना सुनने के लिए तैयार हैं, सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन मेरे चरित्र पर सवाल उठाने का अधिकार किसी को नहीं है। एक महिला होने के नाते मुझे सबसे अधिक पीड़ा इस बात की है कि राजनीतिक विरोध की आड़ में मेरे परिवार और मेरे ससुराल की प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। मेरी लड़ाई केवल अपने लिए नहीं, बल्कि हर उस महिला के सम्मान के लिए है जिसे सोशल मीडिया की आड़ में बदनाम करने की कोशिश की जाती है।”

स्वाति नेगी ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी पुलिस को लिखित शिकायत दी जा चुकी है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 28 दिसंबर 2025 को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर ‘वसूली अभियान मोर्चा’ के संचालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया गया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उक्त सोशल मीडिया पेज द्वारा 28 फरवरी 2026 को पुनः कांग्रेस पार्टी एवं कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाते हुए राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला वीडियो पोस्ट किया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का माध्यम जरूर है, लेकिन इसकी आड़ में किसी व्यक्ति की छवि खराब करना, मानहानि करना, चरित्र हनन करना अथवा परिवार की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाना स्वतंत्रता नहीं बल्कि कानून का दुरुपयोग है।

उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों की पहचान की जाए तथा आईटी एक्ट एवं भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत तत्काल कार्रवाई की जाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि राजनीति में वैचारिक और राजनीतिक विरोध स्वीकार्य है, लेकिन किसी महिला के चरित्र, परिवार और सामाजिक प्रतिष्ठा पर हमला कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।

शिकायतकर्ताओं में मुख्य रूप से कांग्रेस उपाध्यक्ष वीरेंद्र पोखरियाल, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, देहरादून महानगर अध्यक्ष डॉक्टर जसविंदर गोगी, पार्षद कोमल बोरा ,पार्षद,एतात खान,रॉबिन त्यागी,पिया थापा,मोहन काला लकी राणा, मोहित मेहता मोनी, विनीत प्रसाद भट्ट (बंटू), संजय,सुलेमान अंसारी, सुरभि शाह, वंदना राही, गुल मोहम्मद, हर्ष बागरी, अभिषेक पासी, प्रियांशु गोड़ इत्यादि शामिल रहे।

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