हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, सीएम आवास कूच में उमड़ी भीड़

:- कुमारी शैलजा के नेतृत्व में कांग्रेस का हल्ला बोल; सामाजिक सौहार्द और समानता के मुद्दे पर सरकार को घेरा

:- परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े हजारों कार्यकर्ता, हल्द्वानी प्रकरण में कार्रवाई की मांग
:- बेरोजगारी, महिला अपराध, भर्ती परीक्षाओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे भी उठाए

 देहरादून। हल्द्वानी में कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में सोमवार को उत्तराखंड कांग्रेस ने राजधानी में शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास कूच किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्वान पर आयोजित ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, विधायक, पूर्व विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए।

सभा में कांग्रेस नेताओं ने हल्द्वानी की घटना को सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ते हुए सरकार से पूरे प्रकरण में स्थिति स्पष्ट करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नेताओं का कहना था कि राजनीतिक मतभेद लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन किसी राजनीतिक कार्यक्रम स्थल को ‘शुद्ध’ या ‘अशुद्ध’ बताने की परंपरा सामाजिक विभाजन को बढ़ावा दे सकती है।

प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता से रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के बावजूद लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन जरूरी है। कांग्रेस ने सरकार से अपेक्षा जताई कि हल्द्वानी प्रकरण पर वह अपना पक्ष स्पष्ट करेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस सामाजिक बराबरी और संवैधानिक मूल्यों के सवाल पर अपनी आवाज उठाती रहेगी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी मामले में सरकार से जवाब देने की मांग की। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखना भी सभी दलों की जिम्मेदारी है।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करण माहरा ने कहा कि राजनीतिक असहमति को सामाजिक वैमनस्य का रूप नहीं लेना चाहिए। राष्ट्रीय महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक विक्रम सिंह नेगी तथा अन्य नेताओं ने हल्द्वानी प्रकरण में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और पूर्व विधायक जीतराम ने भी सभा को संबोधित किया।

जनहित के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा

कांग्रेस के प्रदर्शन में हल्द्वानी प्रकरण के साथ प्रदेश में बढ़ते महिला अपराध, युवाओं की बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में सामने आ रही अनियमितताओं, किसानों की समस्याओं, जमीनों की नीलामी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे भी उठाए गए। नेताओं ने कहा कि इन विषयों पर सरकार को जवाबदेही के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

कई पूर्व जनप्रतिनिधियों ने थामा कांग्रेस का हाथ

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई नेताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इनमें रुड़की के पूर्व महापौर यशपाल राणा, हरिद्वार के पूर्व प्रधानाचार्य मनोज कुमार सैनी, यमकेश्वर-कोटद्वार के पूर्व प्रमुख भुवनेश खर्कवाल, पुरोला के पूर्व अधिशासी अधिकारी भजनलाल आर्य, एडवोकेट सचिन कुमार, रामकुमार वालिया और रविंद्र आनंद शामिल रहे।

कार्यक्रम में विधायक ममता राकेश, सुमित हृदेश, हरीश धामी, मयूख महर, मदन बिष्ट, मनोज तिवारी, वीरेंद्र जाती, रवि बहादुर, विक्रम नेगी, काजी निजामुद्दीन, लखपत बुटोला समेत बड़ी संख्या में विधायक मौजूद रहे। पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, महेंद्र पाल, पूर्व विधायक रामयश सिंह, जोत सिंह गुनसोला, ललित फर्स्वाण और हमेश खर्कवाल सहित पार्टी के विभिन्न वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

फ्रंटल संगठनों के अध्यक्ष ज्योति रौतेला और विशाल भोजक, हेमा पुरोहित, विकास नेगी तथा विभिन्न विभागों एवं प्रकोष्ठों के अध्यक्षों के साथ देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर, उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह, देहरादून महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर गोगी समेत विभिन्न जिलों और महानगरों के कांग्रेस अध्यक्ष भी मौजूद रहे।

सभा का संचालन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने किया। कांग्रेस ने कहा कि हल्द्वानी प्रकरण में न्याय और कार्रवाई की मांग को लेकर वह आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *