शेयर ट्रेडिंग में 92 लाख की साइबर ठगी का आरोपी भोंडसी जेल से लाया गया

एसटीएफ ने वारंट-बी पर रुद्रपुर कोर्ट में किया पेश, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया; हरियाणा और उत्तराखंड में साइबर धोखाधड़ी के तीन मुकदमे दर्ज

रुद्रपुर। शेयर ट्रेडिंग में अत्यधिक लाभ का झांसा देकर करीब 92 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर टीम ने वांछित आरोपी को हरियाणा की भोंडसी जेल से वारंट-बी पर लाकर रुद्रपुर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया गया है। आरोपी के खिलाफ हरियाणा और उत्तराखंड में साइबर धोखाधड़ी के तीन मुकदमे दर्ज हैं।

एसएसपी एसटीएफ उत्तराखंड के निर्देशन और एएसपी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र में दर्ज एफआईआर संख्या 11/2025 की विवेचना की जा रही है। मामले की विवेचना निरीक्षक धीरेंद्र कुमार पंत कर रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, वादी पंकज कुमार सती की तहरीर पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों ने WhatsApp के माध्यम से वादी से संपर्क कर शेयर ट्रेडिंग में अत्यधिक लाभ का लालच दिया। खुद को एक प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर आरोपियों ने 18 मार्च 2025 से 30 अप्रैल 2025 के बीच वादी से कुल 92,04,775 रुपये की ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी की।

विवेचना के दौरान तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच और लाभार्थी खाताधारकों के बयानों के आधार पर रवि पाटवा पुत्र सम्पत लाल पाटवा, निवासी वार्ड नंबर-6, मोहल्ला गांव अकोला, जिला चित्तौड़गढ़, राजस्थान की घटना में संलिप्तता सामने आई। जांच में पता चला कि आरोपी अन्य साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में जिला कारागार भोंडसी, गुरुग्राम (हरियाणा) में निरुद्ध है।

इसके बाद न्यायालय से वारंट-बी प्राप्त कर एसटीएफ की टीम आरोपी को भोंडसी जेल से अभिरक्षा में लेकर रुद्रपुर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को इस मामले में 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया। एसटीएफ आरोपी से पूछताछ के साथ ही उसके डिजिटल और वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है। मामले में अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच जारी है।

आरोपी का विवरण

रवि पाटवा पुत्र सम्पत लाल पाटवा, निवासी वार्ड नंबर-6, मोहल्ला गांव अकोला, जिला चित्तौड़गढ़, राजस्थान। उम्र 26 वर्ष।

आपराधिक इतिहास

एफआईआर संख्या 68/2025, थाना पंचकूला, धारा 318(4)/61(2)/3(5) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट।

एफआईआर संख्या 120/2025, थाना गुरुग्राम, धारा 318(4)/61(2)/3(5) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट।

एफआईआर संख्या 11/2025, धारा 318(4)/61(2)/3(5) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट।

एसटीएफ की अपील

एसएसपी एसटीएफ उत्तराखंड ने आमजन से अपील की है कि शेयर ट्रेडिंग, निवेश अथवा अत्यधिक लाभ का लालच देने वाले किसी अनजान व्यक्ति, WhatsApp/Telegram ग्रुप अथवा सोशल मीडिया विज्ञापन पर विश्वास न करें। निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी और प्लेटफॉर्म का सत्यापन अवश्य करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें।

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