: डोईवाला, कारगी ग्रांट, यूनिवर्सिटी रोड और मसूरी में चला प्रवर्तन अभियान, बिना स्वीकृति निर्माण व प्लॉटिंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई
देहरादून, 15 जुलाई। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बुधवार को अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाते हुए डोईवाला, कारगी ग्रांट, यूनिवर्सिटी रोड और मसूरी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान करीब 30 बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि कई अवैध व्यावसायिक और आवासीय निर्माणों को सील कर दिया गया।
प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लॉटिंग कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डोईवाला में 30 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई
अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई डोईवाला के खत्ता रोड स्थित रेलवे फाटक के समीप हुई। यहां परमजीत कौर, शूरवीर सिंह पंवार, विनोद रावत, शाहरुख वसीम और नरेन्द्र बसेरा द्वारा लगभग 30 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। प्रवर्तन टीम ने प्लॉटिंग के लिए बनाई गई सड़कें, सीमांकन और अन्य संरचनाओं को जेसीबी की मदद से हटाया।
कारगी ग्रांट में अवैध दुकानें सील
विजिलेंस ऑफिस रोड, कारगी ग्रांट में फरमान द्वारा निर्मित की जा रही अवैध दुकानों पर भी एमडीडीए ने सीलिंग की कार्रवाई की। प्राधिकरण के अनुसार नोटिस और चेतावनी के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने पर यह कदम उठाया गया।
यूनिवर्सिटी रोड पर व्यावसायिक निर्माण पर शिकंजा
ग्राफिक रेरा यूनिवर्सिटी रोड क्षेत्र में यामीन, अमीर खान एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को भी प्राधिकरण ने सील कर दिया। जांच में निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के पाया गया।
मसूरी में भी हुई कार्रवाई
टिहरी-चंबा रोड स्थित टिपरी धार, मसूरी में सुरेश कुमार, सरोजनी देवी और प्रीति कुमारी द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को भी सील किया गया। एमडीडीए ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अनियंत्रित और अवैध निर्माण पर्यावरणीय एवं भौगोलिक दृष्टि से गंभीर खतरा पैदा करते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में सख्ती लगातार जारी रहेगी।
अभियान रहेगा जारी
एमडीडीए ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड की खरीद-फरोख्त या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य कर लें। बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों में निवेश भविष्य में आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
क्या बोले अधिकारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। नियोजित, सुरक्षित और टिकाऊ शहरी विकास सुनिश्चित करना एमडीडीए की प्राथमिकता है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्रवर्तन टीम नियमित निरीक्षण कर रही है। जहां भी बिना स्वीकृति प्लॉटिंग या निर्माण कार्य संचालित पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। भवन निर्माण और भूमि विकास कार्य केवल निर्धारित नियमों के अनुरूप ही किए जाने चाहिए।