‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर उत्तरकाशी में गूंजेगी ‘जीतू बगड़वाल’ की गाथा

:15 जुलाई को कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में होगा भव्य मंचन, पद्मश्री बसंती बिष्ट रहेंगी विशिष्ट अतिथि

उत्तरकाशी। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय नाट्य अभियान के तहत उत्तरकाशी में उत्तराखंड की लोकप्रिय लोकगाथा पर आधारित चर्चित नाटक ‘जीतू बगड़वाल’ का भव्य मंचन किया जाएगा। यह प्रस्तुति 15 जुलाई 2026 (कालिदास जयंती) को सायं 5:30 बजे कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह, उत्तरकाशी में होगी।

नई दिल्ली स्थित संगीत नाटक अकादमी के तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत देशभर के सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में एक साथ 150 नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। 39 भारतीय भाषाओं में होने वाले इस सांस्कृतिक आयोजन में 150 से अधिक नाट्य संस्थाएं तथा 4,000 से अधिक कलाकार भाग लेंगे।

इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक गौरव और उत्साह के साथ मनाने का आह्वान किया है।

उत्तरकाशी में इस विशेष आयोजन की जिम्मेदारी अग्रणी रंग संस्था संवेदना समूह निभा रहा है। संस्था द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला ‘जीतू बगड़वाल’ नाटक उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, वीरता और देशभक्ति की भावना को मंच पर जीवंत करेगा। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध लोकगायिका एवं पद्मश्री सम्मानित बसंती बिष्ट की गरिमामयी उपस्थिति होगी।

आयोजन को सफल बनाने में संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली के सचिव राजू दास, सह सचिव सुमन कुमार, नाट्य सलाहकार विजय सिंह, मनीष ममगाईं तथा जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है।

नाटक की तैयारियों में संवेदना समूह के कलाकार अंकिता, रानी, काजल, आईशी, सिमरन, अमित, अनिल, आलोक, जयप्रकाश राणा, गंगा डोगरा, अजय नौटियाल, डॉ. अजीत पंवार, संजय पंवार, गोविंद बिष्ट, विपिन नेगी, राजेश जोशी सहित अनेक रंगकर्मी पूरे उत्साह और समर्पण के साथ जुटे हुए हैं।

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, रंगकर्मी, साहित्यकार, समाजसेवी, शिक्षाविद, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भावना को एक साथ मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

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