देहरादून। उत्तराखण्ड अभियोजन सेवा में वर्ष 1998 से लगभग 28 वर्षों तक उत्कृष्ट, निष्ठापूर्ण एवं निर्भीक सेवाएं प्रदान करने वाले उप निदेशक अभियोजन, जिला अभियोजन निदेशालय, देहरादून जी. सी. पंचोली को उनके उल्लेखनीय विधिक योगदान के लिए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा “विधि-सेवा सम्मान” से सम्मानित किया गया।
अपने लंबे सेवाकाल में श्री पंचोली ने सरकारी अधिवक्ता एवं अभियोजन अधिकारी के रूप में पीड़ितों को न्याय दिलाने तथा अपराधियों को विधिसम्मत दंड दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका मूल मंत्र सदैव “पीड़ित को न्याय मिले, अपराधी दंडित हों” रहा है।
श्री पंचोली ने कथित आई.एस.आई. कमांडर मोहम्मद रफीक सहित कई चर्चित मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषसिद्धि सुनिश्चित की है। इसके साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत रिश्वत एवं आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। भ्रूण हत्या के विरुद्ध जन-जागरूकता, समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी.) से संबंधित भ्रांतियों के निराकरण तथा नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, नरेंद्र नगर में कोर्स डायरेक्टर एवं प्रशिक्षक के रूप में अनेक अभियोजन एवं पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। नए आपराधिक कानूनों के अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से साक्षियों की गवाही को अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विधिक साहित्य के क्षेत्र में भी श्री पंचोली का उल्लेखनीय योगदान रहा है। वे उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम तथा उत्तराखण्ड अभियोजन निदेशालय की पत्रिका के संपादक रहे हैं। उनकी धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, जेल मैनुअल एवं यू.सी.सी. अधिनियम पर आधारित पुस्तकें वर्तमान में प्रकाशन के अंतिम चरण में हैं।
पुलिस, प्रशासन एवं विभिन्न सरकारी विभागों को समय-समय पर दी गई उनकी विधिक सलाह ने शासन-प्रशासन को प्रभावी एवं न्यायसंगत निर्णय लेने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि “28 वर्षों से न्याय की मशाल थामे, भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष करते हुए, सैकड़ों अधिकारियों को प्रशिक्षित कर तथा विधि एवं नीति को सशक्त बनाने में श्री जी. सी. पंचोली का योगदान उत्तराखण्ड अभियोजन सेवा के लिए गौरव का विषय है।”
समारोह में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री जी. सी. पंचोली को “विधि-सेवा सम्मान” प्रदान करते हुए उनके उत्कृष्ट योगदान की सराहना की तथा उनके स्वस्थ, सुदीर्घ एवं यशस्वी जीवन की कामना की। उपस्थित सभी लोगों ने उनके समर्पण, ईमानदारी एवं न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए उन्हें युवा अभियोजकों एवं पुलिस अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।