:- दो दिन का काम छह माह तक लटकाने पर सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि, समयसीमा से पीछे रहने वाली एजेंसियों पर लगेगा भारी जुर्माना
देहरादून, 22 जून। जनपद में विकास कार्यों को गति देने और आम जनता की सुविधाओं को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को आयोजित जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक में विभिन्न विभागों के भूमिगत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान, विद्युत, गेल, वोडाफोन, टाटा कम्युनिकेशन, केएफडब्ल्यू, पीएसयू समेत 14 विभागों और एजेंसियों के प्रस्तावों पर विचार किया गया।
उच्च प्राथमिकता वाले कुछ कार्यों को रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक सशर्त अनुमति प्रदान करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में आम जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यस्थलों पर पूर्व सूचना, पर्याप्त मशीनरी और मानव संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरे किए जाएं।
मानसून को देखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर सड़क सतह का सुधारीकरण हो चुका है, वहां किसी भी प्रकार की खुदाई अथवा रोड कटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बैठक के दौरान ईसी रोड स्थित होटल रिजेंट के निकट सीवर चैंबर निर्माण और ट्रंक लाइन इंटरकनेक्शन के दो-तीन दिन के कार्य के लिए दिसंबर माह से अनुमति लंबित रहने का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पीआईयू स्मार्ट सिटी के संबंधित सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करते हुए कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब और लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए सभी सक्षम अधिकारियों का औपचारिक व्हाट्सएप समूह गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे नियमित मॉनिटरिंग, त्वरित संवाद और विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा।
उन्होंने निर्माणदायी संस्थाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अनुमति मिलने के बावजूद निर्धारित समय में कार्य पूरा न करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर आरसी काटी जाएगी तथा भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की विफलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने निर्देश दिए कि सिविल कार्यों के दौरान यदि किसी अन्य विभाग की परिसंपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो संबंधित एजेंसी तत्काल समन्वय स्थापित कर उसकी मरम्मत कराए। साथ ही पर्याप्त मैनपावर और मशीनरी लगाकर कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।
सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं
जिलाधिकारी ने कहा कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, खुदाई अधूरी छोड़ने अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के विरुद्ध प्रशासन जब्ती और मुकदमा दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि रात्रि में की गई खुदाई के गड्ढों को सुबह तक भरना अनिवार्य होगा। इसके अलावा कार्यस्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और साइनबोर्ड लगाए जाएं, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, पिटकुल के अधीक्षण अभियंता विक्रम गौतम, गेल के महाप्रबंधक अम्बुज गौतम, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आशीष भट्ट, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, एडीबी के अधिशासी अभियंता अरुण कांत, यूयूएसडीए के अधिशासी अभियंता जतिन सिंह, एनएफएस डिफेंस ऑफिसर एल.एस. तोमर, विजेन्द्र तोमर सहित विभिन्न विभागों और एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।