: पुराने जल स्रोत का कायाकल्प, योग डेक, वॉकिंग ट्रैक और आधुनिक सुविधाओं से लैस पार्क का लोकार्पण
देहरादून, 20 अप्रैल 2026। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मियावाला क्षेत्र में एक पुराने प्राकृतिक तालाब को विकसित कर उसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त आकर्षक पार्क के रूप में तैयार किया है। लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पार्क का लोकार्पण रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने किया।
पंचायत घर गन्ना सेंटर के पास स्थित जीर्ण-शीर्ण तालाब के कायाकल्प के बाद तैयार यह पार्क अब क्षेत्रवासियों के लिए नई सैरगाह बन गया है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और परियोजना को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पार्क
नव विकसित पार्क में आमजन के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्य द्वार को पारंपरिक पहाड़ी शैली में बनाया गया है। इसके साथ ही योग डेक, योग मूर्तिकला, कैन्टीन, स्वच्छ शौचालय, गज़ीबो, वॉकिंग ट्रैक, गार्डन बेंच और हरियाली से भरपूर खुले क्षेत्र विकसित किए गए हैं।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल
एमडीडीए का कहना है कि इस तरह की परियोजनाएं शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन को भी मजबूत करती हैं। जलाशयों के संरक्षण से भूजल स्तर में सुधार होगा, जबकि हरित क्षेत्र बढ़ने से प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
प्राधिकरण अन्य स्थानों पर भी इसी तरह के जल स्रोतों और पार्कों के पुनर्जीवन पर कार्य कर रहा है।
जनहित और पर्यावरण का संतुलन: काऊ
लोकार्पण के दौरान विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि यह परियोजना विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने एमडीडीए की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास कार्यों को नई दिशा मिल रही है।
पुराने जल स्रोत को नया जीवन: तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई स्थलों की पहचान की गई है, जहां इसी तरह के कार्य किए जाएंगे।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर: बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि परियोजना को निर्धारित समय और मानकों के अनुरूप पूरा किया गया है। भविष्य में भी जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस तरह की योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।