:- डिजिटल अरेस्ट गैंग पर उत्तराखंड STF का बड़ा प्रहार
:- उत्तराखंड से चली जांच, जम्मू-कश्मीर तक पहुंचा शिकंजा; 65 लाख की साइबर ठगी में 7 राज्यों का नेटवर्क बेनकाब
ओम प्रकाश जोशी, देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ साइबर क्राइम ने डिजिटल अरेस्ट और बैंक खातों के जरिए देशभर में ठगी करने वाले संगठित गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर (बडगाम) से दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने देश के 07 राज्यों में फैले साइबर ठगी नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। चुनौतीपूर्ण हालात, स्थानीय दबाव और संवेदनशील क्षेत्र में ऑपरेशन के बावजूद टीम ने सफलतापूर्वक आरोपियों का पुलिस रिमांड भी हासिल किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शौकत हुसैन मलिक और बिलाल अहमद के रूप में हुई है। एसटीएफ ने इनके कब्जे से 03 मोबाइल फोन, कई एटीएम कार्ड, आधार-पैन समेत अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में बैंक खातों में कुछ ही महीनों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं।
71 वर्षीय बुजुर्ग को ‘CBI-Delhi Police’ बनकर 65 लाख की चपत :-
मामला देहरादून के 71 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक से जुड़ा है, जिन्हें 21 नवंबर 2025 को साइबर ठगों ने कॉल कर खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताया। इसके बाद फर्जी सीबीआई/दिल्ली पुलिस अधिकारी बनकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर वर्दी, फर्जी दस्तावेज और गैर-जमानती वारंट दिखाकर डराया गया।
ठगों ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर बैंक खातों के सत्यापन के नाम पर करीब 65,00,000 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए। बाद में ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में शिकायत दर्ज कराई।
फर्जी खाते, सिम और एटीएम कार्ड से देशभर में रकम निकासी
एसटीएफ जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी बैंक खाते, मोबाइल सिम और एटीएम कार्ड के जरिए साइबर ठगी की रकम अलग-अलग राज्यों से मंगाकर निकालते थे। तकनीकी विश्लेषण में बैंक खाते और लिंक मोबाइल नंबरों से संदिग्ध ट्रांजेक्शन की पुष्टि हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित खातों के खिलाफ उत्तराखंड समेत देश के 07 राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। अब अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क कर इस नेटवर्क की और कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
गिरफ्तारी के वक्त स्थानीय भीड़ ने बनाया दबाव :-
एसटीएफ टीम जब बडगाम पहुंची तो गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय स्तर पर विषम परिस्थितियां पैदा हो गईं। थाना परिसर से लेकर न्यायालय तक बड़ी संख्या में लोगों ने दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन टीम ने संयम बनाए रखते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और अदालत में प्रभावी पैरवी कर रिमांड प्राप्त किया।
यह ऑपरेशन इसलिए भी बेहद संवेदनशील रहा क्योंकि पूर्व में इसी क्षेत्र के स्थानीय थाने पर ग्रेनेड हमले हो चुके हैं।
STF की जनता से अपील: डिजिटल अरेस्ट पूरी तरह स्कैम
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने जनता से अपील की है कि कोई भी CBI, ED, मुंबई क्राइम ब्रांच, साइबर क्राइम या अन्य एजेंसी व्हाट्सएप पर डिजिटल अरेस्ट का नोटिस जारी नहीं करती।
यदि कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेज दिखाकर डराए, पैसे मांगे या खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताए तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।