उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म को नई उड़ान: ऋषिकेश के पशुलोक बैराज में पहली बार सी-प्लेन की सफल लैंडिंग-टेकऑफ

: – स्काईहॉप के सी-प्लेन ट्रायल ने खोले जल-आधारित हवाई सेवाओं के नए द्वार, देश-विदेश के पर्यटकों और एडवेंचर प्रेमियों के लिए बनेगा बड़ा आकर्षण

ओम प्रकाश जोशी, देहरादून। उत्तराखंड के पर्यटन और एडवेंचर गतिविधियों को नई ऊंचाई देने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। यूजेवीएन लिमिटेड के ऋषिकेश स्थित पशुलोक बैराज में स्काईहॉप (Skyhop) के सी-प्लेन ने सफलतापूर्वक लैंडिंग और टेकऑफ कर राज्य में जल-आधारित हवाई सेवाओं की संभावनाओं को नई पहचान दी। उत्तराखंड में इस तरह का यह पहला सफल परीक्षण माना जा रहा है, जिसने आने वाले समय में राज्य को देश के प्रमुख एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने की उम्मीदें और मजबूत कर दी हैं।

पर्यटन नगरी ऋषिकेश पहले ही रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, ट्रेकिंग और कैंपिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। अब सी-प्लेन सेवा जुड़ने से यहां आने वाले पर्यटकों, खासकर रोमांच और अनोखे अनुभवों के शौकीनों के लिए एक नया आकर्षण तैयार होगा। गंगा के किनारे और पहाड़ों की गोद में सी-प्लेन की उड़ान का अनुभव राज्य के पर्यटन ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दे सकता है।

यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि सी-प्लेन सेवा शुरू होने से उत्तराखंड के पर्यटन को नई गति मिलेगी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। उनके अनुसार यह पहल विशेष रूप से उन दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर साबित होगी, जहां सड़क या पारंपरिक हवाई संपर्क सीमित है। सी-प्लेन के जरिए तेज और सुगम पहुंच से इन इलाकों में पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि राज्य के मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (ऊर्जा) के निर्देशानुसार जलाशय में इस परीक्षण की अनुमति दी गई। ट्रायल के दौरान सभी तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, जिससे पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई और विद्युत उत्पादन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सेवा नियमित रूप से शुरू होती है तो ऋषिकेश, टिहरी झील, श्रीनगर, नैनीताल और अन्य जलाशय क्षेत्रों में एडवेंचर एयर टूरिज्म का नया सर्किट विकसित किया जा सकता है। इससे विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ हाई-एंड ट्रैवलर्स और एक्सपीरियंस-बेस्ड टूरिज्म पसंद करने वाले युवाओं को बड़ा आकर्षण मिलेगा।

सी-प्लेन सेवा केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आपदा प्रबंधन, राहत और रेस्क्यू ऑपरेशन में भी अहम भूमिका निभा सकती है। पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में आपात स्थितियों के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है, ऐसे में यह सेवा जनहित के लिए भी उपयोगी साबित होगी।

प्रबंध निदेशक अजय Kumar Singh ने पशुलोक बैराज की टीम की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों ने बेहतरीन समन्वय, दक्षता और समर्पण के साथ इस परीक्षण को सफल बनाया। उल्लेखनीय है कि सी-प्लेन का ट्रायल अगले दिन भी जारी रहेगा, जिसके आधार पर भविष्य में नियमित संचालन की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।

यह सफल परीक्षण साफ संकेत देता है कि उत्तराखंड अब पारंपरिक पर्यटन से आगे बढ़कर एडवेंचर, लग्जरी और एक्सपीरियंस टूरिज्म के नए युग में प्रवेश कर रहा है। सी-प्लेन जैसी अनूठी सुविधा राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिला सकती है।

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