“कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों!” 
दुष्यंत कुमार की यह पंक्तियां इस वक्त जम्मू कश्मीर की क्रिकेट टीम पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। हुबली में खेले गए रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में जम्मू कश्मीर की टीम ने 8 बार की चैंपियन कर्नाटक को शिकस्त देकर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया।
इस शानदार सफर में जम्मू कश्मीर की टीम ने सेमीफाइनल में बंगाल को 6 विकेट से हराया।।
इसके अलावा क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश को 56 रन से मात दी।
ग्रुप स्टेज में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ 771 रन बनाकर दमदार ड्रॉ खेला। पूरे सीजन में सिर्फ एक मैच मुंबई के खिलाफ हारा।
जम्मू कश्मीर की इस ऐतिहासिक जीत के असली सूत्रधार रहे तेज गेंदबाज आकिब नबी डार।
आकिब ने पूरे सीजन में 60 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी।
औसत 135 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले आकिब ने अपनी स्विंग, सटीक यॉर्कर… और तेज बाउंसर से बल्लेबाजों को खूब परेशान किया और गुच्छों में विकेट चटकाए। वह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक सीजन में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में 60 विकेट लेकर सातवें नंबर पर पहुंचे। पहले स्थान पर 69 विकेट लेकर अभी भी विदर्भ के हर्ष दुबे हैं।
आकिब की गेंदबाजी क्षमता और घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन को देखते हुए ही आईपीएल 2026 की नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 8 करोड़ 40 लाख रुपये में खरीदा। पारस डोगरा ने भी बेहतरीन कप्तानी की। पूरी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।


