मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। मोटर वाहन दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों एवं नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन संचालन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 की धारा 199 के अंतर्गत नाबालिगों को वाहन चलाने देने पर माता-पिता अथवा वाहन स्वामी को जिम्मेदार ठहराया गया है।
⚖️ कानून क्या कहता है
धारा 199 के तहत यदि 18 वर्ष से कम आयु का बच्चा वाहन चलाते पाया जाता है, तो संबंधित अभिभावक या वाहन स्वामी पर—
₹25,000 तक का जुर्माना
एक वर्ष तक की कैद
वाहन का पंजीकरण 12 माह के लिए निरस्त/निलंबित
नाबालिग को 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस न मिलने
जैसे कड़े प्रावधान लागू किए जाते हैं।
📊 एक साल में 1144 चालान
परिवहन विभाग के अनुसार अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक—
बिना लाइसेंस वाहन चलाने के 1126 चालान
नाबालिगों द्वारा बिना हेलमेट, ओवरलोडिंग एवं बिना लाइसेंस वाहन संचालन के 18 चालान
किए गए हैं।
इन मामलों में चालानों का निर्णय माननीय न्यायालय द्वारा किया जाता है।
🏛️ 5 मामलों में अभिभावकों को सजा
माननीय न्यायालय द्वारा 5 मामलों में अभिभावकों को दोषी ठहराते हुए ₹25,000-₹25,000 जुर्माने एवं सजा सुनाई गई है।
🛣️ सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान
सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा देहरादून संभाग में समय-समय पर—
स्कूलों व विद्यालयों में कार्यशालाएं
गोष्ठियां
नुक्कड़ नाटक
चित्रकला प्रतियोगिताएं
रैलियां एवं सड़क सुरक्षा कार्निवाल
आयोजित कर जागरूकता फैलाई जा रही है।
📢 अभिभावकों और स्कूलों से अपील
डॉ. चमोला ने अभिभावकों से अपील की कि वे कदापि नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें। साथ ही स्कूल प्रबंधन से आग्रह किया गया कि—
समय-समय पर औचक निरीक्षण करें
जागरूकता अभियान चलाएं
छात्रों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित करें