10 महीने बाद भी नियुक्ति पत्र का इंतजार, इंटरनेशनल फुटबॉल कोच डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत का दर्द छलका**
देहरादून, 27 दिसम्बर 2025 । उत्तराखंड में फरवरी 2025 में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हुए। पहली बार भाजपा सरकार के कार्यकाल में आयोजित इन खेलों में उत्तराखंड ने 103 पदक (24 स्वर्ण, 35 रजत, 44 कांस्य) जीतकर पदक तालिका में 7वां स्थान हासिल किया। इस आयोजन पर 1200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर अत्याधुनिक खेल अवसंरचना विकसित की गई, जिसकी देशभर में सराहना हुई।
खेल नीति के लिए 23 वर्षों का संघर्ष
इंटरनेशनल फुटबॉल कोच एवं खेल प्रशिक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने बीते 23 वर्षों से खेल नीति और स्पोर्ट्स कोटा लागू कराने के लिए संघर्ष किया। इस दौरान धरना, प्रदर्शन और भूख हड़ताल तक करनी पड़ी। डॉ. रावत पिछले 27 वर्षों से खिलाड़ी, कोच और रेफरी के रूप में निस्वार्थ भाव से राज्य के लिए सेवाएं दे रहे हैं।
फुटबॉल में ऐतिहासिक रजत पदक
डॉ. रावत ने बताया कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों में न केवल रिकॉर्ड पदक जीते, बल्कि फुटबॉल में पहली बार रजत पदक हासिल किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उत्तराखंड वर्षों तक इस खेल में क्वालीफाई तक नहीं कर पाता था।
सरकार के दो वादे, एक ही पूरा
सरकार ने पदक विजेता खिलाड़ियों से दो वादे किए थे—
शीघ्र नकद पुरस्कार
सरकारी नौकरी
काफी दबाव के बाद सरकार ने लगभग 20 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि खिलाड़ियों को प्रदान की, लेकिन सरकारी नौकरी का वादा आज भी अधूरा है।
10 महीने बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं
डॉ. रावत ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि 10 महीने बीत चुके हैं, वर्ष समाप्त होने को है, लेकिन खिलाड़ियों को अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिले। कई खिलाड़ियों ने भविष्य खतरे में होने के डर से नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर अपनी पीड़ा साझा की।
रिवर्स पलायन कर लौटे खिलाड़ी फिर मजबूर
उन्होंने बताया कि जो खिलाड़ी रिवर्स पलायन कर उत्तराखंड से खेलने आए थे, वे भविष्य अनिश्चित होने के कारण फिर अन्य राज्यों का रुख करने को मजबूर हो गए हैं। सरकार ने 103 पदकों की उपलब्धि का देशभर में प्रचार तो किया, लेकिन खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित नहीं कर पाई।
उम्र निकल रही, भविष्य अंधकार में
डॉ. रावत ने चेतावनी दी कि खिलाड़ियों की उम्र तेजी से निकल रही है। यदि मार्च 2026 तक नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए, तो आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार कोई आदेश जारी नहीं कर पाएगी। वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं।
सरकार से अपील
डॉ. रावत ने राज्य सरकार से अपील की कि
“कृपया मार्च 2026 तक सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नियुक्ति पत्र देकर उनकी मेहनत का सम्मान किया जाए। अन्यथा यह स्पष्ट होगा कि सरकार खिलाड़ियों को गुमराह कर रही है।”
सवाल बरकरार
अब बड़ा सवाल यह है कि
क्या सरकार चुनाव का इंतजार कर रही है, या फिर खिलाड़ियों के भविष्य के साथ समझौता किया जा रहा है?