यूजेवीएनएल बोर्ड का बड़ा फैसला: नई जल विद्युत परियोजनाओं को मिली रफ्तार

पिथौरागढ़ की 120 मेगावाट परियोजना के सिविल कार्यों को मंजूरी, देहरादून में 600 मेगावाट पंप स्टोरेज सहित कई अहम प्रस्ताव पास

मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून: यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 133वीं बैठक मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन एवं अध्यक्ष आनंद वर्धन की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में निगम से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए कई नई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।

निदेशक मंडल ने राज्य में जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण को गति देने के उद्देश्य से अहम निर्णय लिए। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 120 मेगावाट सिरकारी भ्योल रूपसियाबगड़ जल विद्युत परियोजना के सिविल कार्यों को प्रारंभ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय से परियोजना के निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

इसके अलावा, जनपद देहरादून में प्रस्तावित 600 मेगावाट इछाड़ी पंप स्टोरेज परियोजना के लिए निविदा प्रपत्र तैयार करने हेतु सक्षम स्तर से स्वीकृति लेने के निर्देश दिए गए। साथ ही टौंस नदी पर प्रस्तावित 72 मेगावाट त्यूणी पलासू जल विद्युत परियोजना के सिविल एवं हाइड्रो-मैकेनिकल निर्माण कार्यों के आवंटन को भी मंजूरी प्रदान की गई।

निदेशक मंडल ने पबर नदी पर प्रस्तावित 81 मेगावाट आराकोट त्यूणी जल विद्युत परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को स्वीकृति हेतु आवश्यक दिशानिर्देश भी जारी किए।

बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, स्वतंत्र निदेशक इंदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता, यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ए.के. सिंह, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

इन निर्णयों को प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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