देहरादून। हृदय रोग विशेषज्ञों की संस्था ‘कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया’ (CSI) के उत्तराखंड चैप्टर के तत्वावधान में 21 और 22 फरवरी को देहरादून में महिलाओं से संबंधित हृदय संबंधी समस्याओं पर केंद्रित एक दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। शुक्रवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में CSI के नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रो सत्येंद्र तिवारी ने पत्रकारों से वार्ता की उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख डॉक्टर भाग लेंगे। वहीं CSI की एक पहल ‘पिंक काउंसिल’ ने आधिकारिक तौर पर ‘विमेंस हार्ट हेल्थ इनिशिएटिव’ शुरू किया है। यह एक राष्ट्रीय आंदोलन है जिसका उद्देश्य महिलाओं में हृदय रोगों के बढ़ते लेकिन कम पहचाने जाने वाले बोझ को दूर करना है। पिंक काउंसिल की राष्ट्रीय संयोजक प्रो रूपाली खन्ना ने कहा कि महिलाओं की मृत्यु का प्रमुख कारण आज भी हृदय रोग ही है, फिर भी अक्सर इसका निदान और उपचार सही समय पर नहीं हो पाता है। भारतीय महिलाओं में अक्सर कम उम्र में ही हृदय संबंधी बीमारियाँ विकसित हो जाती हैं, जिनमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसे जोखिम कारक अधिक पाए जाते हैं। यह पहल शुरुआती रोकथाम, लिंग-विशिष्ट जोखिम कारकों की पहचान और बहु-विषयक देखभाल (जैसे गर्भावस्था से संबंधित हृदय रोग) पर केंद्रित है। आयोजन सचिव डॉ प्रीति शर्मा ने बताया कि इस 2-दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य महिला-केंद्रित शोध को बढ़ावा देना, उनके स्वास्थ्य मुद्दों पर चर्चा करना और जनता को शिक्षित करना है ताकि महिलाओं को समय पर और समान रूप से हृदय संबंधी देखभाल मिल सके। आयोजन अध्यक्ष डॉ भानु दुग्गल ने कहा कि ‘पिंक काउंसिल कॉन्फ्रेंस’ न केवल वैज्ञानिक आदान-प्रदान का एक मंच है, बल्कि महिलाओं की हृदय देखभाल में सुधार के लिए भारत भर के प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञों के साथ सहयोग करने का एक अवसर भी है।