उल्लंघन पर ₹1 लाख जुर्माना, सामाजिक बहिष्कार तक की सख्त कार्रवाई
जौनसार-बावर। शादी-विवाह में बढ़ते दिखावे और फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने के लिए जौनसार-बावर क्षेत्र के ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक और अनुकरणीय फैसला लिया है। उत्तराखंड में देहरादून जिले के तहत आने वाले जौनसार बावर के खत शिलगांव के पंचरा-भंजरा स्थित महासू देवता मंदिर परिसर में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब क्षेत्र में महंगे होटलों, पार्कों और फार्म हाउसों में विवाह आयोजन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
🏡 गांव और घर में ही होंगे विवाह संस्कार
खत स्याणा तुलसी राम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में समाज की आर्थिक मजबूती, सामाजिक समानता और परंपरागत मूल्यों को संरक्षित रखने पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि शादी-विवाह सहित सभी पारिवारिक संस्कार गांव और घरों में ही संपन्न किए जाएंगे, ताकि अनावश्यक खर्च से बचा जा सके।
💍 महिलाओं के गहनों पर सीमा, डीजे-बीयर पर रोक
बैठक में यह भी तय किया गया कि विवाह समारोह में महिलाएं अधिकतम तीन आभूषण ही पहनेंगी। इसके साथ ही सामाजिक आयोजनों में—
❌ डीजे
❌ फास्ट फूड
❌ बीयर व नशे की सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
💰 न्यौता राशि तय, कन्यादान स्वेच्छा से
सामाजिक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से पहली शादी में न्यौते की राशि अधिकतम ₹100 तय की गई है। वहीं कन्यादान व्यक्ति की इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार करने का निर्णय लिया गया।
⚖️ नियम तोड़ने पर सख्त सजा
ग्राम सभा ने स्पष्ट किया कि इन सामाजिक नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर—
₹1 लाख का जुर्माना
और आवश्यकता पड़ने पर सामाजिक बहिष्कार जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
🌱 आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत संदेश
ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला समाज को आर्थिक दबाव से मुक्त करेगा, समानता को बढ़ावा देगा और नई पीढ़ी को सादगी, संस्कार और जिम्मेदारी का मार्ग दिखाएगा। जौनसार-बावर का यह निर्णय अब पूरे प्रदेश के लिए सामाजिक सुधार की मिसाल बनता नजर आ रहा है।