स्वस्थ जीवन जीने के तरीके ही सामाजिक संबंधों का महत्व

 देहरादून। सोशल वर्कर्स, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय परिसर, देहरादून एवं हिमालयन अभ्युदय सामाजिक संस्था, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में “इम्पोर्टेंस ऑफ़ सोशल ब्रिजिंग इन ह्यूमन हेल्थ” विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय देहरादून की परिसर में किया गया। प्रभारी निदेशक डॉ. सुभाष रमोला ने सम्बोधित करते हुए कहा कि अच्छा स्वास्थ्य हमें अपने लक्ष्य हासिल करने में मदद करता है। लंबा और स्वस्थ जीवन जीने के तरीके ही सामाजिक संबंधों का महत्व है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ नरेंद्र जगूडी ने कहा है कि वर्तमान व्यस्ततम जीवन शैली से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को सामाजिक संबंधों से सही किया जा सकता है।विश्व स्तर में हुए अनेकों शोध से निष्कर्ष निकला है कि एकान्तता की अपेक्षा जो लोग सामाजिक संबंधों में रहते हैं वो लोग स्वस्थ रहकर समाज के साथ जुड़ने से अनेकों बीमारियों को भी अपने से दूर किया जा सकता है ।

सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारक, जैसे कि दूसरों से जुड़े रहना, आशावादी दृष्टिकोण रखना, सकारात्मक, लचीला मानसिकता रखना, भी कल्याण और दीर्घायु को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम संयोजिका डॉ. भावना डोभाल ने संचालन करते हुवे कहा कि सामाजिक जुड़ाव, सामाजिकता, आध्यात्मिकता, आशावाद और कार्य – बढ़ते प्रमाण बताते हैं कि ये पांच कारक लोगों और समुदायों की भलाई में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सामाजिक संबंध लोगों में अपनेपन की भावना को मजबूत करते हैं एवं बेहतर स्वास्थ्य की ओर ले जाते हैं। कार्यक्रम में गोविन्द रावत, बृजमोहन खाती, सुनील नेगी, चंद्र बल्लब पोखरियाल, अरविन्द कोटियाल, राहुल देव, अभिषेक एवं छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे।

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