नवविवाहिता से लेकर बुजुर्ग ध्यानियों की रही सहभागिता ढोल-नगाड़ों के साथ मंडाण, परंपरागत रोट और कल्यू भेंट
मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून। टिहरी गढ़वाल के बगोड़ी में पहली बार ध्यानी मिलन समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन समस्त ग्रामवासियों और गांव की विवाहित बेटियों के द्वारा किया गया। तीन दिवसीय समारोह 24 जनवरी को शुरू हुआ। जिसमें मुख्य रूप से गांव की कुलदेवी बाला भैरवी मंदिर में तीन दिवसीय विशेष पूजा-पाठ आयोजित किया गया। गांव के पुरोहित पंडित श्री मुरारी लाल बधानी जी और पंडित श्री दर्शन लाल उनियाल जी ने वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष हवन-पाठ के साथ पूजा संपन्न कराई। इस आयोजन की विशेष बात यह रही कि इसमें गांव की अधिकांश विवाहित बेटियां शामिल हुईं। जिसमें नवविवाहिता के साथ बुजुर्ग ध्यानियाँ पहुंचीं। समारोह में एक तरफ जहां मंदिर में पूजा पाठ चलता रहा तो वहीं विवाहित बेटियों ने अपनों से भेंट कर गांव की पुरानी भूली बिसरी यादें ताजा कीं। दिनभर व्रत रख शाम देवी मंदिर में कीर्तन और आरती की। इसके बाद भगवान की भोग लगाकर भोजन किया और फिर ढोल- नंगाड़े की थाप पर मंडाण में सामूहित नृत्य किया।
इस आयोजन में कई विवाहित बेटियां 20-30 साल से अधिक समय से अपने मायिका गांव पहुंचीं थीं। ग्राम वासियों ने अपनी तरफ से विवाहित बेटियों के लिए परंपरागत ढंग से रोट तैयार किए और कल्यू के रूप में उन्हें भेंट किया। जिसे सभी ग्रामीणों ने अपने हाथ से तैयार किया। विवाहित बेटियों को एकजुट कर कार्यक्रम में गांव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका श्रीमती बीना जोशी सेमल्टी, श्रीमती सुबोधनी जोशी उनियाल आदि ने निभाई।





