6वीं गढ़वाल रायफल्स के हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल (एचएडब्ल्यूएस) में जेसीओ-इंस्ट्रक्टर के पद पर हैं तैनात
सुनील सिंह नेगी
देहरादून। गढ़वाल रायफल्स के अफसर (एचएडब्ल्यूएस जेसीओ-इंस्ट्रक्टर) सुनील सिंह नेगी ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया है। उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल निवासी सुनील नेगी का परिवार देहरादून के बड़ोवाला में रहता है। वह 6वीं गढ़वाल रायफल्स के हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल (एचएडब्ल्यूएस) में जेसीओ-इंस्ट्रक्टर के पद पर तैनात हैं।
सुनील सिंह नेगी
वह माउंट एवरेस्ट के लिए विगत 12 अप्रैल को 32 सदस्यीय टीम के साथ दिल्ली से नेपाल के लिए रवाना हुए थे। 23 मई को खराब मौसम के कारण उन्हे रास्ते से लौटना पड़ा। टीम के 10 सदस्य बेस कैंप लौट गए, लेकिन नेगी ने दोबारा चढ़ाई शुरू की। 27 मई को वह एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचे और तिरंगा फहराया। नेगी ने बताया कि आठ हजार मीटर से अधिक की ऊंचाई पर चढ़ाई का उनका यह पहला अनुभव था। नेगी ने बताया कि वह 2004 में गढ़वाल रायफल्स में भर्ती हुए थे। उन्होंने छह नहीने का पर्वतारोहण का कोर्स किया था। इस समय वह हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल में इंस्ट्रक्टर हैं।
सुनील सिंह नेगी
बताते चलें कि हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल (HAWS) भारतीय सेना का एक श्रेणी A प्रशिक्षण संस्थान है। यह पर्वतीय युद्ध और बर्फ/हिम शिल्पकला में कर्मियों को प्रशिक्षित करता है। यह स्कूल जम्मू और कश्मीर के गुलमर्ग में स्थित है। सियाचिन ग्लेशियर और अन्य उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात सैनिकों को HAWS में प्रशिक्षित किया जाता है।