अमित शाह के हरिद्वार दौरे के दौरान कांग्रेस नेता ज्योति रौतेला घायल, किसने दिया धक्का !

गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन देने जा रहीं महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, धक्का-मुक्की में कांग्रेस नेता ज्योति रौतेला घायल                                                        • अमित शाह के दौरे पर महिला कांग्रेस ने किया ज्ञापन देने का प्रयास
• पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोका, धक्का-मुक्की में ज्योति रौतेला घायल
• अंकिता भंडारी हत्याकांड, कानून व्यवस्था और महंगाई का मुद्दा उठाया
• जेफरी एपस्टीन फाइल मामले में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से इस्तीफे की मांग
• मुद्दों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी

मोनाल एक्सप्रेस, देहरादून/ऋषिकेश, 7 मार्च 2026।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर ज्ञापन देने का प्रयास किया। उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता ऋषिकेश में गृहमंत्री से मिलने पहुंचीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।

प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने बताया कि महिला कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहती थीं, जिसमें प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था, अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग, महिलाओं की सुरक्षा, बढ़ती महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी और आम जनता से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल थे।

उन्होंने कहा कि ज्ञापन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित जेफरी एपस्टीन से जुड़ी कथित फाइल में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने की खबरों के संदर्भ में निष्पक्ष जांच और नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग भी शामिल थी।

पुलिस ने रोका, प्रशासन ने नहीं लिया ज्ञापन
ज्योति रौतेला के अनुसार महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं को पुलिस ने काफी देर तक रोके रखा और मौके पर मौजूद किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने ज्ञापन लेने की जहमत नहीं उठाई। इस दौरान विरोध जताने पर भारी पुलिस बल के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिसमें रौतेला को चोट भी आई।

उन्होंने बताया कि इसके बाद भी बिना ज्ञापन लिए उन्हें और उनकी महिला साथियों को ऋषिकेश कोतवाली ले जाया गया।

लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नाराजगी जताते हुए ज्योति रौतेला ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक संगठनों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।

उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह केवल किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश के गृहमंत्री हैं। लेकिन जब भी वे उत्तराखंड आते हैं, तब प्रदेश की जनता के मुद्दे सुनने के बजाय विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जाता है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड पर उठाए सवाल
रौतेला ने कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है, महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और युवाओं में बेरोजगारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम आज तक सार्वजनिक न होना न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

जेफरी एपस्टीन मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जेफरी एपस्टीन से संबंधित फाइल में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने की खबरों को देखते हुए पारदर्शिता और नैतिक जवाबदेही के लिए निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और जांच पूरी होने तक उनसे इस्तीफा लिया जाना चाहिए।

आंदोलन की चेतावनी
रौतेला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दबाव में प्रशासन काम कर रहा है और महिलाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन ज्वलंत मुद्दों पर सरकार ने गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया तो महिला कांग्रेस प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन करेगी।

इस अवसर पर वरिष्ठ महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उर्मिला ढौंढियाल थापा, जिला अध्यक्ष पछुवादून अंशुल त्यागी, जिला अध्यक्ष हरिद्वार अंजू मिश्रा, महासचिव निधि नेगी, ब्लॉक अध्यक्ष अनीता सकलानी, महासचिव दीपा चौहान, प्रदेश महासचिव नलिनी दीक्षित, सचिव भावना शर्मा, नितिन उनियाल, गौरव रावत सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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