अंकिता हत्याकांड, स्कूल बंदी, महिला अपराध, उपनल कर्मचारियों और युवाओं के भविष्य पर कांग्रेस ने उठाए तीखे सवाल
ओम प्रकाश जोशी, देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सोमवार को राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दस बिंदुओं पर सीधे जवाब मांगे। उन्होंने कहा कि ये सवाल कांग्रेस के नहीं, बल्कि उत्तराखंड की जनता के हैं।
गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे गंभीर मामले में भाजपा के दिग्गज नेताओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीआई जांच की बात कही गई थी, लेकिन 3-4 महीने बीत जाने के बावजूद जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि सीबीआई जांच का आधार अंकिता के माता-पिता की शिकायत को न बनाकर किसी तीसरे व्यक्ति की शिकायत को क्यों बनाया गया।
राज्य में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब पहाड़वासी लगातार वन्य जीवों के आतंक का सामना कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि राज्य सरकार इस दिशा में कौन से ठोस कदम उठा रही है।
गोदियाल ने प्रधानमंत्री के 2017 के उस बयान की याद दिलाई, जिसमें कहा गया था कि “पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी उत्तराखंड के काम आएगी।” उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के लिए अब तक कौन-कौन सी प्रभावी योजनाएं लागू की गई हैं, जबकि हकीकत यह है कि नशाखोरी बढ़ रही है और युवाओं का भविष्य खतरे में है।
उन्होंने भर्ती घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड अब इन मामलों के लिए बदनाम होता जा रहा है।
साथ ही उपनल कर्मचारियों को लेकर उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के बावजूद राज्य सरकार उनके नियमितीकरण से बचने के बहाने खोज रही है।
शिक्षा के मुद्दे पर गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 886 स्कूल बंद हो चुके हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में 55 नई शराब की दुकानों के खुलने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्या सरकार के पास राजस्व बढ़ाने के लिए सिर्फ खनन और शराब ही विकल्प रह गए हैं।
कानून व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड महिला अपराध में नंबर वन राज्य बन गया है। राज्य में महिलाएं, बच्चे, पत्रकार और पूर्व सैनिक—कोई भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हत्याएं और अपराध हो रहे हैं तथा सत्ताधारी दल के लोगों पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं।
गोदियाल ने घरेलू गैस की कालाबाजारी और बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के मद्देनजर होटल और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध कराना जरूरी है, अन्यथा पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा।
अंत में उन्होंने कहा, “मैं केवल एक पोस्टमैन हूं। ये सवाल मेरे नहीं, बल्कि उत्तराखंड की जनता के हैं। कांग्रेस पार्टी मुख्य विपक्षी दल होने के नाते अपना दायित्व निभा रही है और जनता की आवाज प्रधानमंत्री तक पहुंचा रही है।”
प्रेस वार्ता का संचालन मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने किया। इस दौरान प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्षा ज्योति रौतेला, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी, प्रवक्ता राजेश चमोली और अभिनव थापर मौजूद रहे।